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बृहस्पति-शनि दूसरे भाव में: स्वास्थ्य, धन और शिक्षा पर प्रभाव

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अच्छे प्रभाव:

  • आप एक महान रहस्यवादी (गहराई से जानने वाले) विद्वान हो सकते हैं, जो हर जगह बहुत प्रसिद्ध होंगे. लेकिन यह तभी होता है जब ग्रह उच्च का हो, वक्री (उल्टी चाल) न हो. ऐसा भी हो सकता है कि आपकी शिक्षा अधूरी हो. आप नेक (अच्छे) हो सकते हैं या नहीं भी हो सकते हैं. दो ग्रहों का एक साथ होना उच्च के चंद्रमा जैसा प्रभाव दे सकता है.
  • आपका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और आपका आत्म-सम्मान (खुद की इज़्ज़त) भी अच्छा रहेगा.
  • आप किसी से सच्चे दिल से प्यार कर सकते हैं, सिर्फ इधर-उधर नहीं भटकेंगे और न ही बुरी बदनामी कमाएंगे.

खराब प्रभाव:

  • जब दो संबंधित ग्रह वार्षिक कुंडली (साल की कुंडली) के दूसरे भाव (घर) में एक साथ आते हैं, तो आपको कोई बीमारी हो सकती है.
  • आपको बृहस्पति (गुरु) से संबंधित चीजों में हाथ नहीं डालना चाहिए, नहीं तो आपके स्वास्थ्य और आपके पिता की उम्र पर बुरा असर पड़ सकता है.
  • शनि से संबंधित चीजों में हाथ डालने से अशुभ (बुरे) संकेत मिल सकते हैं.
  • व्यापार और रिश्तेदारों के संबंध में ऐसी चीजें करने से खराब नतीजे मिलते हैं.

सुधार के उपाय:

  • एक भूरी भैंस पालें और उसकी देखभाल करें.
  • सांपों के रहने की जगह पर दूध रखें.
  • कड़ी मेहनत करने वाले लोगों की देखभाल करें और उन्हें खुलकर दान दें.
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