कुंडली से खोजें

बृहस्पति दूसरे भाव में: शिक्षा, धन और परिवार

2 मिनट Read in English

शुभ फल:
आप अच्छी तरह से रहेंगे. आपकी शिक्षा अच्छी होगी. ससुराल पक्ष के प्रभाव और अच्छे संबंधों से आपकी तरक्की हो सकती है. आपकी ज़्यादातर इच्छाएँ पूरी करने के लिए आपके पास साधन (पैसे/संसाधन) होंगे. आप अपनी ज़्यादातर पढ़ाई में स्कॉलरशिप (छात्रवृत्ति) जीत सकते हैं.
आप धर्म, आध्यात्म और सामाजिक कामों में रुचि ले सकते हैं. आपको मिट्टी से जुड़े व्यापार में लाभ हो सकता है. आपको अपनी मृत्यु का पहले से ज्ञान (पूर्वानुमान) हो सकता है.

संकेत:
भगवान आपके ज़्यादातर काम पूरे करने में मदद कर सकते हैं. आपको अपने काम सही से पूरे करने के लिए ज़्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी, हालांकि आप उनके बारे में चिंतित रह सकते हैं.

अशुभ फल:
आप अपने परिवार को बर्बादी (विनाश) के रास्ते पर ले जा सकते हैं. आपको प्रशासनिक जुर्माना (सरकारी दंड) या सज़ा मिल सकती है. आप अपने माता-पिता के लिए परेशानी पैदा करने वाले हो सकते हैं. आप ससुराल पक्ष के मामलों के विरोधी हो सकते हैं. आपकी पत्नी का स्वास्थ्य खराब रह सकता है. आप धोखेबाज़ी (फरेब) में शामिल हो सकते हैं. आप अपने कामों का बहुत दिखावा करने वाले और आडंबरी (घमंडी) हो सकते हैं, जबकि असल में आप अपने परिवार के लिए बदनामी (अपयश) का कारण बन सकते हैं. आप दुखी और चिंतित स्वभाव के हो सकते हैं. आपको सोने या गहनों के व्यापार में नुकसान हो सकता है.

अशुभ होने के संकेत:
आपने जहाँ भी कोशिश की, वहाँ सभी संबंधित लोगों के लिए बुरे परिणाम आए.

क्या करें:
अगर आपके घर के सामने गड्ढे या खाई (खंदक) हैं, तो उन्हें ठीक करवा लेना चाहिए.

  • अपने घर के फर्श का एक अच्छा हिस्सा फूलों या गमले वाले पौधों (बिना सीमेंटेड) के लिए रखें.
  • माथे पर नियमित रूप से केसर या हल्दी का तिलक लगाएँ.

क्या न करें:
अपने पिता और कुल-पुरोहित (परिवार के पुजारी) के साथ कभी बहस या झगड़ा न करें.

क्या यह लेख काम आया?
इस लेख को रेटिंग दें

टिप्पणियाँ (0)

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली आप लिखिए।

मिलते-जुलते लेख

बृहस्पति-शनि दसवें भाव में: बुद्धिमान, पर पिता और परिवार के लिए बुरा

बृहस्पति और शनि का दसवें भाव में होना आपको बुद्धिमान बना सकता है, लेकिन यह आपके पिता और परिवार के लिए शुभ नहीं हो सकता है।

बृहस्पति-चंद्रमा पहले भाव में: शिक्षा, धन और भाग्य

पहले भाव में बृहस्पति और चंद्रमा का शुभ प्रभाव व्यक्ति को शिक्षित, धनी और भाग्यशाली बनाता है। यह माता-पिता के लिए भी शुभ होता है।

बृहस्पति-बुध दूसरे भाव में: धन, ज्ञान और पारिवारिक संबंध

बृहस्पति और बुध की दूसरे भाव में युति व्यक्ति को ज्ञानी और धनी बनाती है, लेकिन परिवार और संबंधों में कुछ चुनौतियां भी ला सकती है।

बृहस्पति-चंद्रमा दूसरे भाव में: धन, शांति और परिवार का सुख

बृहस्पति और चंद्रमा की दूसरे भाव में युति धन, पारिवारिक सुख और मानसिक शांति लाती है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।

बृहस्पति-राहु दूसरे भाव में: धन, शिक्षा और पारिवारिक सुख

बृहस्पति और राहु के दूसरे भाव में होने से व्यक्ति धनी, शिक्षित और परिवार से सुख पाने वाला हो सकता है। यह योग ससुराल और धार्मिक कार्यों से भी लाभ दिलाता है।

अपनी कुंडली का लाल किताब विश्लेषण चाहिए?

नाम और WhatsApp नंबर दीजिए — हम आपसे संपर्क करेंगे।