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भाव · 85

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शुक्र बारहवें भाव में: पत्नी, परिवार और गुप्त ज्ञान

शुक्र के बारहवें भाव में होने से पत्नी का स्वभाव, पारिवारिक जीवन और गुप्त ज्ञान में रुचि पर क्या असर पड़ता है, जानें।

चंद्रमा बारहवें भाव में: विदेश से लाभ और रहस्यमय ज्ञान

चंद्रमा के बारहवें भाव में होने से आपको विदेश से लाभ मिल सकता है और रहस्यमयी विद्याओं में रुचि हो सकती है।

बृहस्पति बारहवें भाव में: संतान सुख और आध्यात्मिक उन्नति

बारहवें भाव में बृहस्पति आपको संतान सुख और धार्मिक झुकाव देगा, लेकिन गलत कर्मों से बचें। जानें इसके शुभ-अशुभ फल और उपाय।

शनि ग्यारहवें भाव में: धन, संतान और सरकारी नौकरी

शनि का ग्यारहवें भाव में होना आपको भाग्यशाली, न्यायप्रिय और सरकारी अधिकारी बना सकता है। आपको संपत्ति, वाहन और पारिवारिक सुख मिल सकता है।

चंद्रमा ग्यारहवें भाव में: संतान और शिक्षा पर प्रभाव

जानें चंद्रमा के ग्यारहवें भाव में होने से संतान, शिक्षा और व्यवसाय पर क्या असर पड़ता है। साथ ही, अशुभ प्रभावों से बचने के उपाय और सावधानियां।

बुध दसवें भाव में: लेखक, संपादक और धन लाभ

जानें बुध के दसवें भाव में होने से व्यक्ति लेखक, संपादक कैसे बनता है और समुद्री यात्राओं से लाभ कैसे कमाता है। साथ ही, पिता के स्वास्थ्य और धन हानि से जुड़े बुरे प्रभावों से कैसे बचें।

चंद्रमा नौवें भाव में: ईमानदारी, संपत्ति और यात्रा

चंद्रमा नौवें भाव में व्यक्ति को ईमानदार, सम्मानित और संपत्तिवान बनाता है। ऐसे लोग धार्मिक यात्राएं कर सकते हैं और समाज सेवा में रुचि रखते हैं।

चंद्रमा आठवें भाव में: दीर्घायु और भाग्य का निर्माण

चंद्रमा के आठवें भाव में होने से व्यक्ति दीर्घायु होता है और स्वयं अपना भाग्य बनाता है। माता-पिता का सम्मान और पत्नी के साथ मधुर संबंध शुभ फल देते हैं।

चंद्रमा सातवें भाव में: धन, शुभ पत्नी और विदेश यात्रा

जानें कैसे चंद्रमा का सातवें भाव में होना आपको धन, एक अच्छी पत्नी और विदेश यात्रा के अवसर दे सकता है। अशुभ प्रभावों और उनके सरल उपायों के बारे में भी पढ़ें।

बुध सातवें भाव में: व्यापार, विवाह और परिवार

बुध के सातवें भाव में होने से व्यापार में लाभ, विदेश में विवाह, और परिवार की तरक्की हो सकती है। हालांकि, कुछ मामलों में वैवाहिक जीवन में चुनौतियां भी आ सकती हैं।

चंद्रमा छठे भाव में: स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन

छठे भाव में चंद्रमा के शुभ-अशुभ प्रभाव जानें। यह स्थिति स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और रिश्तों को कैसे प्रभावित करती है, और इसके उपाय क्या हैं।

शनि चौथे भाव में: घर, परिवार और स्वास्थ्य

जानें शनि के चौथे भाव में होने पर घर-परिवार, वाहन और स्वास्थ्य पर क्या अच्छे-बुरे प्रभाव पड़ सकते हैं, और उनसे जुड़े उपाय क्या हैं।

चंद्रमा दूसरे भाव में: संतान, धन और प्रसिद्धि

दूसरे भाव में चंद्रमा का प्रभाव आपकी संतान, धन-संपत्ति और सामाजिक प्रसिद्धि को प्रभावित करता है। यह आपको मीठा बोलने वाला और सफेद वस्तुओं के व्यापार में सफल बना सकता है।

मंगल दूसरे भाव में: भाई-बहन, शिक्षा और धन पर प्रभाव

मंगल का दूसरे भाव में होना आपके भाई-बहनों, शिक्षा, और धन को कैसे प्रभावित करता है, और इसके शुभ-अशुभ प्रभाव क्या हैं, जानें।

सूर्य-शनि बारहवें भाव में: गंभीर परिणाम और बचाव

बारहवें भाव में सूर्य और शनि की युति से आपको आपराधिक मामलों, जेल और आंखों की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, या विदेश से लाभ मिल सकता है।