कुंडली से खोजें

बृहस्पति · 169

ग्रह और भाव चुनकर खोजें →

बृहस्पति-राहु दसवें भाव में: धन, लंबी उम्र और चुनौतियाँ

बृहस्पति और राहु का दसवें भाव में होना आपको मेहनती, धनी और लंबी उम्र वाला बना सकता है, लेकिन यह आपके पिता के लिए चुनौतियाँ ला सकता है।

बृहस्पति-चंद्रमा दसवें भाव में: स्वार्थी स्वभाव और स्वास्थ्य समस्याएँ

बृहस्पति और चंद्रमा के दसवें भाव में होने से व्यक्ति स्वार्थी हो सकता है, पिता से विरोध कर सकता है और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर सकता है।

बृहस्पति-बुध दसवें भाव में: समृद्धि और चुनौतियां

दसवें भाव में बृहस्पति और बुध की युति व्यक्ति को समृद्धि देती है, लेकिन पिता के लिए और व्यापार में चुनौतियां भी ला सकती है।

बृहस्पति-मंगल दसवें भाव में: पिता से संबंध और बच्चों से सुख

बृहस्पति और मंगल का दसवें भाव में होना आपके भाग्य को प्रभावित करता है, खासकर पिता और बच्चों से संबंधित मामलों में।

बृहस्पति-केतु दसवें भाव में: धन लाभ और पारिवारिक अशांति

बृहस्पति और केतु दसवें भाव में होने से आपको कहीं से भी बड़ा लाभ हो सकता है, लेकिन परिवारिक जीवन में अशांति और पिता के लिए समस्याएँ आ सकती हैं।

बृहस्पति-शुक्र नौवें भाव में: धन, प्रेम विवाह और संतान सुख

बृहस्पति और शुक्र की नौवें भाव में युति से धन में वृद्धि, प्रेम विवाह और संतान संबंधी मामलों में शुभ फल मिलते हैं।

बृहस्पति-सूर्य नौवें भाव में: धन, भाग्य और परोपकार

बृहस्पति और सूर्य का नौवें भाव में होना धन, खुशी और सम्मान लाता है। आप परोपकारी होते हैं और मेहनत से अपना भाग्य चमकाते हैं।

बृहस्पति-शनि नौवें भाव में: धन, संतान और भाग्य पर प्रभाव

बृहस्पति और शनि की नौवें भाव में युति आपके धन, संतान, और भाग्य को कैसे प्रभावित करती है। जानिए इसके अच्छे और बुरे प्रभाव।

बृहस्पति-राहु नौवें भाव में: धार्मिकता, भाग्य और संतान सुख

बृहस्पति और राहु की नवें भाव में युति व्यक्ति को धार्मिक, भाग्यशाली और संतान सुख प्रदान करती है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।

बृहस्पति-चंद्रमा नौवें भाव में: धन, शांति और धार्मिक यात्राएँ

बृहस्पति और चंद्रमा नौवें भाव में धन की वापसी, आंतरिक शांति और धार्मिक यात्राओं के अच्छे परिणाम देते हैं।

बृहस्पति-बुध नौवें भाव में: परिवार, आध्यात्मिकता और भाग्य

बृहस्पति और बुध नौवें भाव में परिवार के प्रति समर्पण, आध्यात्मिक झुकाव और यात्राओं से लाभ दे सकते हैं। हालांकि, विवाह और बच्चों से खुशी में कमी आ सकती है।

बृहस्पति-मंगल नौवें भाव में: पारिवारिक संबंध और भाग्य

बृहस्पति और मंगल का नौवें भाव में होना पारिवारिक संबंधों और आर्थिक स्थिति को प्रभावित करता है, साथ ही भाग्य और संतान पर भी असर डालता है।

बृहस्पति-केतु नौवें भाव में: आध्यात्मिक प्रगति और पारिवारिक सुख

बृहस्पति और केतु की नौवें भाव में युति व्यक्ति को आध्यात्मिक बनाती है, उसे प्रसिद्धि और पारिवारिक सुख देती है, लेकिन संतान और पिता से संबंधित चुनौतियां भी आ सकती हैं।

बृहस्पति-शुक्र आठवें भाव में: मुकदमों में जीत और धन लाभ

बृहस्पति और शुक्र के आठवें भाव में होने से मुकदमों में जीत मिलती है और जीवनसाथी के परिवार से लाभ होता है, लेकिन कर्ज और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी आ सकती हैं।

बृहस्पति-सूर्य आठवें भाव में: धन, लंबी आयु और मान-सम्मान

आठवें भाव में बृहस्पति और सूर्य की युति से धन, लंबी आयु और मान-सम्मान मिल सकता है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।

बृहस्पति-राहु आठवें भाव में: भाग्य का उतार-चढ़ाव और गुप्त कार्य

आठवें भाव में बृहस्पति और राहु की युति आपके भाग्य में उतार-चढ़ाव ला सकती है। आपको ससुराल से लाभ मिल सकता है, लेकिन गुप्त कार्य और दूसरों के धन पर निर्भरता से बचें।

बृहस्पति-चंद्रमा आठवें भाव में: दीर्घायु और धन लाभ

बृहस्पति और चंद्रमा के आठवें भाव में होने से आपको लंबी उम्र और धन लाभ हो सकता है, लेकिन भाइयों से रिश्तों में सावधानी बरतें।