कुंडली से खोजें

उपाय · 257

ग्रह और भाव चुनकर खोजें →

चंद्रमा बारहवें भाव में: विदेश से लाभ और रहस्यमय ज्ञान

चंद्रमा के बारहवें भाव में होने से आपको विदेश से लाभ मिल सकता है और रहस्यमयी विद्याओं में रुचि हो सकती है।

बुध बारहवें भाव में: धन, संपत्ति और ज्योतिष में रुचि

बुध के बारहवें भाव में होने से आपको धन और संपत्ति का लाभ हो सकता है. आप तंत्र विद्या और ज्योतिष में रुचि ले सकते हैं.

मंगल बारहवें भाव में: संघर्ष में जीत और परिवार का मुखिया

मंगल के बारहवें भाव में होने से आप परिवार के मुखिया बन सकते हैं और संघर्षों में जीत हासिल कर सकते हैं, लेकिन बड़े भाई को खतरा और वैवाहिक जीवन में बाधाएं आ सकती हैं।

बृहस्पति बारहवें भाव में: संतान सुख और आध्यात्मिक उन्नति

बारहवें भाव में बृहस्पति आपको संतान सुख और धार्मिक झुकाव देगा, लेकिन गलत कर्मों से बचें। जानें इसके शुभ-अशुभ फल और उपाय।

शुक्र ग्यारहवें भाव में: धन, कला और वैवाहिक प्रगति

ग्यारहवें भाव में शुक्र आपको सही-गलत का ज्ञान देता है, धन की कमी नहीं होने देता और कला के क्षेत्र में सफलता दिलाता है। शादी के बाद आपकी तरक्की होगी।

शनि ग्यारहवें भाव में: धन, संतान और सरकारी नौकरी

शनि का ग्यारहवें भाव में होना आपको भाग्यशाली, न्यायप्रिय और सरकारी अधिकारी बना सकता है। आपको संपत्ति, वाहन और पारिवारिक सुख मिल सकता है।

चंद्रमा ग्यारहवें भाव में: संतान और शिक्षा पर प्रभाव

जानें चंद्रमा के ग्यारहवें भाव में होने से संतान, शिक्षा और व्यवसाय पर क्या असर पड़ता है। साथ ही, अशुभ प्रभावों से बचने के उपाय और सावधानियां।

बुध ग्यारहवें भाव में: 34 के बाद भाग्य उदय और संतान चिंता

बुध के ग्यारहवें भाव में होने से 34 साल की उम्र के बाद भाग्य चमक सकता है, लेकिन संतान और रिश्तेदारों से संबंधित चिंताएं रह सकती हैं।

मंगल ग्यारहवें भाव में: धन, सफलता और शत्रुओं पर विजय

मंगल के ग्यारहवें भाव में होने से व्यक्ति धनवान, सफल और शत्रुओं पर विजयी होता है, लेकिन कर्ज और पारिवारिक विवादों का सामना भी करना पड़ सकता है।

केतु ग्यारहवें भाव में: भविष्य की अच्छी समझ और सम्मान

ग्यारहवें भाव में केतु आपको भविष्य की अच्छी समझ और सरकारी महकमों में सम्मान दिला सकता है। आपको लंबी यात्रा से लाभ और देर से संतान प्राप्ति हो सकती है।

बृहस्पति ग्यारहवें भाव में: सुख, सम्मान और संपत्ति

जानें बृहस्पति के ग्यारहवें भाव में होने से जीवन में मिलने वाले सुख, सम्मान और संपत्ति के योग। साथ ही, इसके शुभ-अशुभ प्रभाव और उनसे बचने के उपाय।

शुक्र दसवें भाव में: संपत्ति, व्यापार और संतान चिंता

शुक्र का दसवें भाव में होना आपको संपत्ति, व्यापार में लाभ और न्यायप्रिय बनाता है, लेकिन संतान और स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं दे सकता है।

बुध दसवें भाव में: लेखक, संपादक और धन लाभ

जानें बुध के दसवें भाव में होने से व्यक्ति लेखक, संपादक कैसे बनता है और समुद्री यात्राओं से लाभ कैसे कमाता है। साथ ही, पिता के स्वास्थ्य और धन हानि से जुड़े बुरे प्रभावों से कैसे बचें।

मंगल दसवें भाव में: धन, तरक्की और सामाजिक सहयोग

मंगल का दसवें भाव में होना परिवार में धन और तरक्की लाता है। यह आपको सेना में उच्च पद और सामाजिक मामलों में सहयोग दे सकता है।