चंद्रमा ग्यारहवें भाव में: संतान और शिक्षा पर प्रभाव
अच्छे परिणाम (ड्रिल्स):
आपकी माँ और बच्चों से आपको खुशी मिल सकती है. आपको पानी, दूध या दवाइयों के व्यापार से लाभ हो सकता है. आप दूरदर्शी (आगे की सोचने वाले) हो सकते हैं. आप वकील या इंजीनियर बन सकते हैं, या एक बड़े सरकारी अधिकारी या समाज सेवक बन सकते हैं. आपको अपने घर और गाड़ी से बहुत संतुष्टि (खुशी) मिल सकती है.
अच्छाई के संकेत:
भैंस के दूध का मक्खन, चलते हुए बादल, जुड़वां बच्चे और चांदी.
खराब परिणाम (अशुभ):
आपको समुद्री यात्रा से नुकसान हो सकता है. आपकी पढ़ाई (ग्रेजुएशन) में रुकावट आ सकती है, या उसे पूरा करने के बाद भी आपको पूरा फायदा नहीं मिल सकता है. आपको संतान (बच्चे) का सुख नहीं मिल सकता है, या आपके बच्चे आपकी माँ के जीवनकाल (जब तक माँ जीवित हों) में पैदा हो सकते हैं, जिनकी कम उम्र में मृत्यु (मौत) हो सकती है. आपके बच्चे लगभग 34 साल की उम्र में पैदा हो सकते हैं. बेटे के जन्म के बाद आपकी माँ की आँखों का ऑपरेशन हो सकता है. अगर आपकी माँ की उम्र लंबी है, तो आपको बच्चों के जन्म के लिए कम इंतजार करना पड़ सकता है.
खराबी के संकेत:
यौन नपुंसकता (सेक्स करने में दिक्कत), खून का बहुत ज्यादा बहना जैसे कुएं से पानी निकलता है, संतान का सुख न मिलना, टूटे हुए मोती.
खराब परिणामों को ठीक करने के उपाय:
- माँ को बेटे को 43 दिन का होने तक नहीं देखना चाहिए.
- बच्चों के जन्म में देरी या यौन नपुंसकता के लिए, किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह लेकर सोने पर आधारित दवाइयां लें.
- 11 मजदूरों को दूध पिलाएं या मंदिर में 5.5 लीटर दूध चढ़ाएं.
- 9 बच्चों को 11-11 भुनी हुई दूध की मिठाइयां बांटें.
- गंगा या किसी अन्य पवित्र नदी का पानी घर की छत के नीचे रखें.
- घर में जहाँ मुख्य नल का पानी गिरता है, वहाँ चक्की का पत्थर रखें और उस पत्थर पर बैठकर माँ को दूध से स्नान करना चाहिए.
- शिवलिंग पर श्रद्धापूर्वक (मन से) पानी चढ़ाएं.
खराब परिणामों को ठीक करने के लिए क्या न करें:
- रात के समय घर में धार्मिक प्रवचन (कथा) या भजन-कीर्तन न करवाएं.
- सुबह-सुबह दान न दें और न ही दान लें.
- शुक्रवार को परिवार में कोई शादी न करवाएं.
- बुधवार को कोई नया काम शुरू न करें, अगर आपकी बहन भी उसी दिन पैदा हुई हो.
- शनिवार को नया घर न खरीदें/बनवाएं, और न ही कोई नया व्यापार/नौकरी शुरू करें.