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विवाह · 184

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चंद्रमा सातवें भाव में: धन, शुभ पत्नी और विदेश यात्रा

जानें कैसे चंद्रमा का सातवें भाव में होना आपको धन, एक अच्छी पत्नी और विदेश यात्रा के अवसर दे सकता है। अशुभ प्रभावों और उनके सरल उपायों के बारे में भी पढ़ें।

बुध सातवें भाव में: व्यापार, विवाह और परिवार

बुध के सातवें भाव में होने से व्यापार में लाभ, विदेश में विवाह, और परिवार की तरक्की हो सकती है। हालांकि, कुछ मामलों में वैवाहिक जीवन में चुनौतियां भी आ सकती हैं।

मंगल सातवें भाव में: परिवार, धन और वैवाहिक जीवन

मंगल का सातवें भाव में होना आपको परिवार का पालन-पोषण करने वाला, धनी और न्यायप्रिय बनाता है। हालांकि, यह वैवाहिक जीवन में चुनौतियां और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी दे सकता है।

शुक्र पांचवे भाव में: प्रेम, संतान और भाग्य

पांचवे भाव में शुक्र प्रेम संबंधों में सफलता, कई संतान और पत्नी के भाग्य से व्यापार में लाभ दिलाता है, पर चरित्रहीनता और ससुराल से अनबन भी दे सकता है।

शनि पांचवें भाव में: संतान, धन और स्वास्थ्य

पांचवें भाव में शनि का प्रभाव व्यक्ति को संतान, धन और स्वास्थ्य के मामले में अलग-अलग परिणाम दे सकता है। जानें इसके अच्छे और बुरे प्रभाव तथा उपाय।

राहु पांचवें भाव में: व्यापार में लाभ और संतान संबंधी चिंताएं

पांचवें भाव में राहु व्यापार में सफलता और धन लाभ देता है, लेकिन संतान और विवाह में देरी या स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं पैदा कर सकता है।

शुक्र चौथे भाव में: संपत्ति, वाहन और वैवाहिक जीवन

चौथे भाव में शुक्र की उपस्थिति संपत्ति, वाहन और विरासत प्रदान करती है, लेकिन माँ और पत्नी के बीच संघर्ष और बच्चों से संबंधित परेशानियाँ भी दे सकती है।

बुध चौथे भाव में: पारिवारिक सुख और लंबी आयु

चौथे भाव में बुध आपको पारिवारिक सुख, वाहन और लंबी आयु देता है, लेकिन माँ के स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में चुनौतियाँ आ सकती हैं।

मंगल तीसरे भाव में: भाई-बहन, वैवाहिक सुख और शत्रु पर विजय

मंगल के तीसरे भाव में होने से भाई-बहन का सुख मिलता है, शादी के बाद भाग्य चमकता है और आप शत्रुओं पर विजय प्राप्त करते हैं।

शुक्र पहले भाव में: देखभाल, धन और वैवाहिक चुनौतियाँ

जानें पहले भाव में शुक्र के शुभ-अशुभ प्रभाव, जैसे दूसरों की परवाह, धन, देर से शादी और वैवाहिक चुनौतियाँ। साथ ही, इन प्रभावों को सुधारने के लिए लाल किताब के उपाय।

मंगल पहले भाव में: व्यापार में लाभ और दृढ़ संकल्प

मंगल के पहले भाव में होने से आपको व्यापार में लाभ, धन की प्राप्ति और दृढ़ संकल्प मिलता है। हालांकि, मां और जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर चुनौतियां हो सकती हैं।

बृहस्पति पहले भाव में: शिक्षा, बुद्धि और पिता का भाग्य

जानें पहले भाव में बृहस्पति के शुभ-अशुभ प्रभाव, शिक्षा, करियर और पारिवारिक संबंधों पर असर। पितृ ऋण और विवाह से जुड़े महत्वपूर्ण उपाय।