कुंडली से खोजें

पाप ग्रह · 93

ग्रह और भाव चुनकर खोजें →

बृहस्पति-शनि-केतु की युति: संतान और व्यापार पर प्रभाव

बृहस्पति, शनि और केतु की युति बच्चों के लिए चुनौतियां ला सकती है और केतु से संबंधित रिश्तों व व्यापार को प्रभावित कर सकती है।

बृहस्पति-चंद्रमा-राहु की युति: महिलाओं के सुख में कमी

बृहस्पति, चंद्रमा और राहु की युति महिलाओं के सुख और शांति को प्रभावित कर सकती है, खासकर 12वें भाव में यह बुरा असर देती है।

बृहस्पति-चंद्रमा-केतु की युति: अशुभ परिणाम और चुनौतियाँ

बृहस्पति, चंद्रमा और केतु की युति अक्सर जीवन में कई तरह की चुनौतियाँ और अशुभ परिणाम ला सकती है, जिससे मुश्किलें बढ़ जाती हैं।

बृहस्पति-मंगल-शनि की युति: पुश्तैनी जायदाद का नुकसान और कर्ज

बृहस्पति-मंगल-शनि की युति से परिवार में पुरुषों की संख्या कम हो सकती है, पुश्तैनी जायदाद बिक सकती है और कर्ज बना रह सकता है।

बृहस्पति-मंगल-केतु की युति: अशुभ भाग्य और भाई पर असर

बृहस्पति, मंगल और केतु की युति से भाग्य प्रतिकूल हो सकता है और 45 साल तक केतु का अशुभ प्रभाव रह सकता है, खासकर भाई पर असर दिख सकता है।

सूर्य-चंद्रमा-बुध-केतु की युति: पिता के लिए कष्टकारी

सूर्य, चंद्रमा, बुध और केतु की युति पिता के लिए बहुत मुश्किल भरी हो सकती है, जिससे उन्हें दुख या डूबने का खतरा हो सकता है.

बृहस्पति-चंद्रमा-बुध-राहु की युति: धन हानि और मिली-जुली सफलता

बृहस्पति, चंद्रमा, बुध और राहु की युति से धन हानि हो सकती है, खासकर राहु की उम्र तक। हालांकि, ग्रहों के सहयोग से मिला-जुला अच्छा फल भी मिल सकता है।