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द्वादश भाव · 46

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सूर्य-चंद्रमा बारहवें भाव में: विदेश से लाभ और गूढ़ विषयों में रुचि

बारहवें भाव में सूर्य और चंद्रमा की युति आपको विदेश से लाभ और गूढ़ विषयों में रुचि दे सकती है, लेकिन कुछ चुनौतियां भी ला सकती है।

सूर्य-बुध बारहवें भाव में: धन, विदेश यात्रा और स्वास्थ्य

सूर्य और बुध की बारहवें भाव में युति धन, विदेश यात्रा और कुछ स्वास्थ्य समस्याओं को दर्शाती है। यह स्थिति विरासत और गुप्त ज्ञान से भी जुड़ी है।

सूर्य-मंगल बारहवें भाव में: परिवार, व्यापार और गुप्त विद्या

बारहवें भाव में सूर्य और मंगल की युति परिवार से लाभ, व्यापार में सफलता और गुप्त विद्याओं में रुचि देती है, लेकिन कुछ चुनौतियाँ भी ला सकती है।

सूर्य-केतु बारहवें भाव में: तरक्की, विदेश यात्रा और स्वास्थ्य

बारहवें भाव में सूर्य और केतु की युति से तरक्की, विदेश यात्रा और संपत्ति के योग बनते हैं, लेकिन आँखों की समस्या और मानसिक परेशानी भी हो सकती है।

शनि-राहु बारहवें भाव में: धन, संपत्ति और संतान सुख

बारहवें भाव में शनि और राहु की युति आपको धनवान बना सकती है और विदेश यात्राओं से लाभ दिला सकती है, लेकिन संतान संबंधी चिंताएं भी दे सकती है।

चंद्रमा-शुक्र बारहवें भाव में: आराम, गुप्त विद्या और परेशानियाँ

बारहवें भाव में चंद्रमा और शुक्र की युति आपको आराम, गुप्त विद्याओं में रुचि देती है, लेकिन जीवनसाथी और भाई के लिए कुछ परेशानियाँ भी ला सकती है।

चंद्रमा-शनि बारहवें भाव में: धन की परवाह नहीं, वैवाहिक सुख में कमी

बारहवें भाव में चंद्रमा और शनि की युति धन के प्रति उदासीनता देती है, लेकिन वैवाहिक जीवन के सुख में कमी ला सकती है।

चंद्रमा-राहु बारहवें भाव में: अच्छी नींद और गुप्त विद्याओं का ज्ञान

बारहवें भाव में चंद्रमा और राहु की युति आपको अच्छी नींद देती है और आप गुप्त विद्याओं के जानकार हो सकते हैं।

चंद्रमा-बुध बारहवें भाव में: चिंता, धन और संतान का कष्ट

बारहवें भाव में चंद्रमा और बुध का योग शनि को प्रतिकूल बनाता है, जिससे चिंता, धन की हानि और संतान संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।

चंद्रमा-मंगल बारहवें भाव में: संतोषजनक जीवन और संभावित चुनौतियाँ

बारहवें भाव में चंद्रमा और मंगल का मेल एक संतोषजनक जीवन दे सकता है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं, खासकर 28 साल की उम्र के बाद।

चंद्रमा-केतु बारहवें भाव में: विदेश यात्रा, धन और मुकदमे में जीत

चंद्रमा और केतु की बारहवें भाव में युति विदेश यात्रा, रहस्यमयी विषयों में रुचि और अदालती मामलों में जीत दिला सकती है, लेकिन धन का खर्च भी अधिक हो सकता है।

बुध-शनि बारहवें भाव में: धर्म-कर्म और दौलत पर असर

बारहवें भाव में बुध-शनि की युति से व्यक्ति धार्मिक, बुद्धिमान और धनी हो सकता है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी संभव हैं जैसे शिक्षा में बाधा और ससुराल पक्ष को नुकसान।

बुध-राहु बारहवें भाव में: धन लाभ और गुप्त विद्या में रुचि

बारहवें भाव में बुध और राहु की युति धन लाभ कराती है और आपको गुप्त विद्याओं में रुचि दिलाती है। पैतृक संपत्ति भी मिल सकती है।

मंगल-शनि बारहवें भाव में: धन, परिवार और शत्रु पर प्रभाव

बारहवें भाव में मंगल और शनि की युति धन, परिवार और शत्रुओं पर अच्छे-बुरे प्रभाव डाल सकती है। यह युति आपकी नींद, संपत्ति और बच्चों पर भी असर डालती है।

मंगल-राहु बारहवें भाव में: धन, सुख और शत्रुओं पर विजय

मंगल और राहु के बारहवें भाव में होने पर व्यक्ति धनी, सुखी और शत्रुओं पर विजय पाने वाला होता है। हालांकि, मानसिक तनाव और पारिवारिक बोझ भी संभव है।

मंगल-बुध बारहवें भाव में: धन, संपत्ति और संतान सुख

मंगल और बुध का बारहवें भाव में होना धन, संपत्ति और संतान के लिए शुभ हो सकता है, लेकिन वादे तोड़ने और चिंता जैसी चुनौतियां भी ला सकता है।

मंगल-केतु बारहवें भाव में: तरक्की, संपत्ति और शत्रु पर विजय

मंगल और केतु का बारहवें भाव में होना आपको अच्छी तरक्की, खुशहाल पारिवारिक जीवन और दुश्मनों पर जीत दिला सकता है। हालांकि, पुश्तैनी जायदाद और बच्चों को लेकर चिंताएं भी हो सकती हैं।

बृहस्पति-शुक्र बारहवें भाव में: पारिवारिक शांति और जुए से बचें

बारहवें भाव में बृहस्पति और शुक्र की युति पारिवारिक जीवन में शांति देती है लेकिन जुए और शेयर बाजार से नुकसान हो सकता है।

बृहस्पति-सूर्य बारहवें भाव में: परिवार की तरक्की और धन लाभ

बारहवें भाव में बृहस्पति और सूर्य की युति से परिवार में तरक्की होती है और धन-संपत्ति में वृद्धि होती है।