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मान-सम्मान · 78

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मंगल-शनि दसवें भाव में: धन, प्रसिद्धि और पारिवारिक सुख

मंगल और शनि का दसवें भाव में होना आपको खूब धन और नाम-शोहरत दिलाता है, लेकिन 42 साल के बाद ही शुभ समय शुरू होता है। नशे से बचें और सांपों का सम्मान करें।

बृहस्पति-सूर्य दसवें भाव में: राजयोग और व्यापार में लाभ

यह योग आपको राजा जैसा शासक बना सकता है और व्यापार या सरकारी नौकरी से लाभ दिला सकता है। हालांकि, अत्यधिक धार्मिकता से बचें और पिता से संबंधों पर ध्यान दें।

बृहस्पति-मंगल दसवें भाव में: पिता से संबंध और बच्चों से सुख

बृहस्पति और मंगल का दसवें भाव में होना आपके भाग्य को प्रभावित करता है, खासकर पिता और बच्चों से संबंधित मामलों में।

शनि-राहु नौवें भाव में: धन, प्रसिद्धि और संतान संबंधी चुनौतियाँ

शनि और राहु की नौवें भाव में युति आपको धन और प्रसिद्धि दिला सकती है, लेकिन संतान संबंधी और पारिवारिक चुनौतियाँ भी पैदा कर सकती है।

चंद्रमा-केतु नौवें भाव में: अच्छी तरक्की और विदेश यात्रा

नौवें भाव में चंद्रमा और केतु की युति करियर में अच्छी तरक्की देती है. आप विदेश यात्राएं कर सकते हैं और सामाजिक-धार्मिक कार्यों में रुचि रखते हैं.

शुक्र-राहु सातवें भाव में: धन, प्रसिद्धि और वैवाहिक लाभ

शुक्र और राहु सातवें भाव में धन, प्रसिद्धि और वैवाहिक लाभ दे सकते हैं, लेकिन जीवनसाथी और ससुराल से जुड़े कुछ मुद्दे भी हो सकते हैं।

सूर्य-चंद्रमा छठे भाव में: दूर जन्म, सम्मान और बच्चों के बाद भाग्य

सूर्य और चंद्रमा की छठे भाव में युति से व्यक्ति का जन्म घर से दूर हो सकता है, समाज में सम्मान मिलता है और बच्चों के जन्म के बाद भाग्य चमकता है।

सूर्य-मंगल छठे भाव में: निडरता, लंबी आयु और संघर्ष में जीत

सूर्य और मंगल का छठे भाव में होना आपको निडर बनाता है, लंबी आयु देता है और सरकारी मामलों व झगड़ों में जीत दिलाता है।

सूर्य-शुक्र पांचवें भाव में: संतान, धन और सम्मान

सूर्य और शुक्र के पांचवें भाव में होने से जातक को संतान, धन और समाज में सम्मान मिलता है। हालांकि, कुछ मामलों में यह संबंध चुनौतियां भी ला सकता है।

बृहस्पति-राहु तीसरे भाव में: प्रगति, धन और शत्रुओं पर विजय

तीसरे भाव में बृहस्पति और राहु की युति आपको प्रगति, धन और शत्रुओं पर विजय दिला सकती है। आप बुद्धिमान और ज्ञानी होंगे।

बुध-केतु दूसरे भाव में: धन, ज्ञान और राजसी सुख

दूसरे भाव में बुध और केतु की युति आपको धनवान, बुद्धिमान और राजसी सुखों का भोगी बना सकती है, पर कुछ स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ भी संभव हैं।

बृहस्पति-सूर्य दूसरे भाव में: सम्मान और संपत्ति

जब बृहस्पति और सूर्य दूसरे भाव में होते हैं, तो व्यक्ति बड़े दिल वाला और सम्मानित होता है, लेकिन ससुराल वालों से अपमान भी मिल सकता है।