कुंडली से खोजें

सूर्य दूसरे भाव में: सम्मान, धन और पारिवारिक चुनौतियाँ

2 मिनट Read in English

शुभ संकेत:

  • समाज में इज़्ज़त और नाम मिलेगा.
  • आप एक अच्छे और माहिर (एक्सपर्ट) कारीगर (क्राफ्ट्समैन) होंगे.
  • आप फैक्टरी के मालिक हो सकते हैं.
  • आपको सरकारी अदालतों (स्टेट कोर्ट्स) में सम्मान (फैसिलिटेटेड) और पुरस्कार (अवार्डेड) मिल सकते हैं.
  • आप बहुत बुद्धिमान (हाई विजडम) और पढ़े-लिखे (लर्निंग) होंगे.
  • आप ऊँचे पदों (एचलॉन्स) पर हो सकते हैं.

संकेतक (इंडिकेटर्स):

  • आप उदारता (लिबरल) से दान करने वाले होंगे.
  • गेहूँ.

अशुभ संकेत:

  • महिलाएँ (लेडी).
  • झगड़ों (कॉन्फ्लिक्ट्स) में पैसा और संपत्ति (प्रॉपर्टी) का नुकसान (लूज़िंग) हो सकता है.
  • बच्चों (प्रोजेनी) और जीवनसाथी (स्पाउस) से परेशानी (डिस्ट्रेस) मिल सकती है.
  • माँ, मामा-मामी और बुआ-फूफा का परिवार (कुटुम्ब) मुश्किल में आ सकता है.
  • आपकी सोच खुद को नुकसान पहुँचाने वाली (सेल्फ-डिस्ट्रक्टिव) हो सकती है.
  • पिता हमेशा परेशान (डिस्ट्रेसिंग) और उदास (डाउन-कास्टिंग) रह सकते हैं.

अशुभता का लक्षण: आप दूसरों का हक छीनने (स्विंगल) और चीज़ें हड़पने (ग्रैब) की कोशिश कर सकते हैं, जो आपकी नहीं हैं (अनडिजर्व्ड).

अशुभता दूर करने के उपाय (रेमेडीज़):

  • धार्मिक स्थानों पर दूध चढ़ाएँ.
  • अपने पैतृक (एंसेस्ट्रल) घर में खुद से चलने वाली पानी की सप्लाई (सेल्फ-सपोर्टेड वॉटर-सप्लाई) का इंतज़ाम करें.
  • दूसरों की भलाई (वेलफेयर) के लिए काम करें.
  • धार्मिक स्थानों पर नारियल और/या सरसों का तेल दान करें.
क्या यह लेख काम आया?
इस लेख को रेटिंग दें

टिप्पणियाँ (0)

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली आप लिखिए।

मिलते-जुलते लेख

बृहस्पति-सूर्य दूसरे भाव में: सम्मान और संपत्ति

जब बृहस्पति और सूर्य दूसरे भाव में होते हैं, तो व्यक्ति बड़े दिल वाला और सम्मानित होता है, लेकिन ससुराल वालों से अपमान भी मिल सकता है।

चंद्रमा दूसरे भाव में: संतान, धन और प्रसिद्धि

दूसरे भाव में चंद्रमा का प्रभाव आपकी संतान, धन-संपत्ति और सामाजिक प्रसिद्धि को प्रभावित करता है। यह आपको मीठा बोलने वाला और सफेद वस्तुओं के व्यापार में सफल बना सकता है।

बुध-राहु नवम भाव में: धर्म, यात्रा और संतान पर प्रभाव

बुध और राहु का नवम भाव में होना व्यक्ति को धार्मिक और यात्रा प्रेमी बना सकता है, लेकिन संतान और धन संबंधी चुनौतियां भी ला सकता है।

सूर्य-शनि नौवें भाव में: धन, बच्चे और दुर्भाग्य

नौवें भाव में सूर्य और शनि की युति आपको अमीर बना सकती है, पर बच्चों और पिता के लिए अशुभ हो सकती है, साथ ही व्यापार में भी नुकसान दे सकती है।

सूर्य-शनि दसवें भाव में: राजयोग, संपत्ति और सरकारी लाभ

दसवें भाव में सूर्य और शनि की युति से व्यक्ति को राजा जैसा मान-सम्मान, संपत्ति और सरकारी क्षेत्रों से लाभ मिल सकता है।

अपनी कुंडली का लाल किताब विश्लेषण चाहिए?

नाम और WhatsApp नंबर दीजिए — हम आपसे संपर्क करेंगे।