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मंगल-शनि-केतु की युति: बुरे प्रभाव और वक्री ग्रह

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अगर मंगल ग्रह हर जगह वक्री (उल्टी चाल में) हो, तो इसका बुरा असर बहुत ताकतवर होता है. यह एक अशुभ घर (शनि) जैसा होता है, जहाँ मंगल नीम का पेड़ है और पालतू कुत्ता केतु है. मंगल और शनि के साथ कोई भी ग्रह हो, वह वक्री हो जाता है और उसके बुरे नतीजे (परिणाम) मिलते हैं.

ग्रहों के अपने अलग-अलग असर (प्रभाव) सही तरीके से सामने आते हैं.

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