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बृहस्पति-सूर्य ग्यारहवें भाव में: धन, सम्मान और नैतिक मूल्य

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इस स्थिति में भी, ग्रहों के अच्छे और बुरे प्रभाव (दशाएँ) चलते हैं. इनके मिले-जुले असर होते हैं, जो एक-दूसरे को आगे बढ़ाते हैं. ये इस तरह हो सकते हैं:

अच्छे प्रभाव:

  • यह स्थिति खुद ही बुरी सोच और उनके कामों को खत्म कर देती है.
  • आप शाकाहारी, ईमानदार और आज्ञाकारी होंगे. आपको सभी तरह का आराम और आसान जीवन मिल सकता है.
  • आपको सभी अच्छे और भरोसेमंद दोस्त, सहयोगी (साथी) और रिश्तेदार मिल सकते हैं.
  • आप बहुत महत्वाकांक्षी (बड़ी इच्छाएँ रखने वाले) होंगे और आपकी कई इच्छाएँ पूरी भी हो सकती हैं.
  • आप दूसरों की सेवा करने के लिए बहुत उत्सुक (इच्छुक) रहेंगे, भले ही इसमें आपका अपना नुकसान हो.
  • आप जन्म से ही बहुत अमीर हो सकते हैं, लेकिन अगर आपका व्यवहार (तरीका) गलत है, तो आपको विरासत (पुरखों से मिली संपत्ति) कम मिल सकती है.
  • आपको सरकारी महकमों (विभागों) में अच्छा मान-सम्मान मिल सकता है. आपके पास कई नौकर और सहायक (मददगार) हो सकते हैं.
  • आपको एक ऐसा बेटा मिल सकता है जो अच्छे नैतिक (सही) मूल्यों वाला हो, लेकिन आपको खुद उसे सही रास्ता दिखाना होगा.

बुरे प्रभाव:

  • गलत नैतिक (बुरे) मूल्य बर्बादी और कम विरासत का कारण बन सकते हैं.
  • आप जीवनसाथी के लिए दुख का कारण बन सकते हैं. बच्चे भी बुरा बर्ताव कर सकते हैं.
  • महिला रिश्तेदार आपको नुकसान पहुँचा सकती हैं.
  • बुढ़ापा मुश्किल हो सकता है. बड़ा परिवार होने पर भी आपको आखिरी समय में थोड़ी भी देखभाल नहीं मिल सकती है.
  • आप झूठ बोलने वाले हो सकते हैं. मांसाहारी होना संतान (बच्चों) के लिए हानिकारक हो सकता है.
  • यह भाई/भाइयों के लिए अशुभ (बुरा) हो सकता है.
  • यात्राओं में आपको नुकसान या चोट लग सकती है.
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