कुंडली से खोजें

बृहस्पति-मंगल की युति: अच्छी गृहस्थी और धन-संपत्ति

4 मिनट Read in English

बृहस्पति + मंगल (अच्छी गृहस्थी, धन)

जब मंगल ऊँचे घरों में बैठा हो, तो यह घर के अनुसार बहुत अच्छे नतीजे देता है. आप 72 साल की उम्र तक साथ रहेंगे. आप न्याय को पसंद करने वाले होंगे. आप एक सरदार या गद्दी पर बैठे राजा की तरह भगवान के भक्त होंगे, और ब्रह्मज्ञान (भगवान का ज्ञान) रखने वाले होंगे. हर आठवें साल आपकी संतान हो सकती है. जब ये दोनों (बृहस्पति और मंगल) शनि को देखते हों, तो धन-संपत्ति के लिए शुभ होता है. इसलिए शनि को ऐसी जगह स्थापित करें जहाँ से इनकी नज़र शनि पर पड़े.

  • नंबर 1: आप सरदार और धनवान (अमीर) होंगे, लेकिन बुध के साथ होने पर दोनों का प्रभाव बेकार हो सकता है.
  • नंबर 2: अगर बुध छठे घर में हो, तो ससुराल के परिवार वालों के साथ आपके अच्छे संबंध होंगे. वे आपकी आवाज़ पर अपना सिर कटा सकते हैं, या आपकी जगह अपना खून बहा सकते हैं.
  • नंबर 3: आप पैतृक (पुरखों की) संपत्ति की रक्षा करने वाले, पूजा-पाठ करने वाले और श्रेष्ठ (उत्तम) होंगे. अपनी कमाई से संपत्ति कमाकर पैतृक संपत्ति में मिलाने की कोई शर्त नहीं है.
  • नंबर 4: आपका परिवार बढ़ेगा, लेकिन धन की कोई शर्त नहीं है.
  • नंबर 5: अगर आप दान लेते हैं, तो धन नष्ट हो सकता है. वैसे, पुत्र के जन्म के समय धन के स्रोत अपने आप बन जाएँगे, और 28 साल की उम्र तक धन में वृद्धि होती रहेगी. दान देने से यह बढ़ता रहेगा.
  • नंबर 6: यह अच्छा असर देगा. आप अपने आप में बड़े भाई होंगे. बुध के दूसरे घर का प्रभाव भी ठीक ही रहेगा.
  • नंबर 8: दोनों का अपना-अपना अलग-अलग प्रभाव हो सकता है.
  • नंबर 9: आपका गृहस्थ परिवार धन-दौलत में हर तरह से श्रेष्ठ (उत्तम) और उत्तम होगा.
  • नंबर 10: चौथे और छठे घर के ग्रहों के अनुसार आपके भाग्य का फैसला होगा. अगर ये दोनों घर खाली हों, तो भाग्य में सोने की जगह गिलट (नकली सोना) हो सकता है. आप चोरी से धनी हो सकते हैं.
  • नंबर 11: जब तक आपके पिता और भाई जीवित हैं और साथ हैं, तब तक धन-संपत्ति की कोई कमी नहीं रहेगी. उनके बाद बृहस्पति और मंगल को कायम रखना अच्छा असर देता रहेगा.
  • नंबर 12: आप हर तरह से उत्तम और बड़े परिवार वाले होंगे. जिसे आप आशीर्वाद देंगे, उसे तार (बचा) सकते हैं.

खराब हालात (बृहस्पति छठे, सातवें, दसवें, ग्यारहवें घर में; मंगल पहले, चौथे, आठवें घर में)

अगर मंगल खराब हो, तो 31 साल की उम्र तक आपके भाई-बंधुओं को कष्ट हो सकता है. 5 साल तक रिश्तेदारों की मृत्यु हो सकती है. शनि के खराब समय में बृहस्पति और बृहस्पति के खराब समय में शनि आपके भाग्य का फैसला करेगा.

  • नंबर 2: दान करने पर धन नष्ट हो सकता है.
  • नंबर 6: बुध और केतु से जुड़ी चीजें, रिश्तेदार, कारोबार और संतान पर बुरा असर पड़ सकता है.
  • नंबर 7: आय (कमाई) अधिक होते हुए भी आप कर्जदार (ऋणी) हो सकते हैं.
  • नंबर 8: दोनों का बुरा असर आपके परिवार पर पड़ता होगा.
  • नंबर 11: दोनों ग्रहों से जुड़ी चीजों, कारोबार और रिश्तेदारों की हालत खराब हो सकती है.

उपाय:

  • अगर सूर्य + बुध (मंगल अच्छा हो) तो मृगशाला (एक प्रकार का कपड़ा या आसन) का इस्तेमाल करें. तीन धातु की अंगूठी पहनें.
  • अगर सूर्य + शनि (मंगल खराब हो) तो रेवड़ियाँ पानी में बहाएँ, मिठाई बाँटें.
क्या यह लेख काम आया?
इस लेख को रेटिंग दें

टिप्पणियाँ (0)

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली आप लिखिए।

मिलते-जुलते लेख

बृहस्पति सातवें भाव में: संतानहीनता और घर के वास्तु उपाय

जब बृहस्पति 7वें भाव में हो तो घर में मंदिर बनाने और पूजा करने से संतानहीनता हो सकती है। इस समस्या से बचने के लिए लाल किताब के वास्तु उपाय जानें।

बृहस्पति-सूर्य की युति: शाही धन और संतान का सुख

जब बृहस्पति और सूर्य एक साथ होते हैं, तो यह भाग्य, शाही धन और संतान सुख दे सकता है। यह युति पिता और पुत्र दोनों के लिए शुभ होती है।

बृहस्पति-केतु की युति: धन, संतान और भाग्य पर प्रभाव

बृहस्पति और केतु की युति के विभिन्न भावों में शुभ-अशुभ प्रभावों को जानें। यह युति धन, परिवार और संतान पर कैसे असर डालती है, और क्या हैं इसके उपाय।

बृहस्पति-मंगल तीसरे भाव में: पैतृक संपत्ति की सुरक्षा और चुनौतियां

तीसरे भाव में बृहस्पति और मंगल की युति पैतृक संपत्ति की रक्षा करती है लेकिन उसे प्राप्त करने में बाधाएं ला सकती है। यह आपको धार्मिक बना सकता है, पर संतान और दोस्तों से परेशानी भी दे सकता है।

अपनी कुंडली का लाल किताब विश्लेषण चाहिए?

नाम और WhatsApp नंबर दीजिए — हम आपसे संपर्क करेंगे।