ग्रहों के फल का ज्योतिषीय आकलन: लाल किताब के नियम
ग्रहों का फल बताना
खास बात: जब भी कोई व्यक्ति अपनी कुंडली (टेवा) लेकर आपके पास आए, तो सबसे पहले उसका उस साल का वर्षफल (साल का हाल) बनाएं (वर्षफल बनाने का तरीका देखें). फिर जन्म के ग्रहों के हिसाब से देखें कि यह कुंडली सही बनी है या गलत.
अगर जन्म के ग्रहों का फल सही बैठ रहा है, तो वर्षफल के अनुसार उस साल का, या जिस साल का आप जानना चाहें, बता दीजिए. फल बताते समय खास योगों (ग्रहों के मेल) का भी ध्यान रखें. और ग्रहों के नीच घर (कमजोर जगह), उच्च घर (ताकतवर जगह), पक्के घर (स्थायी जगह) आदि को देखकर ही फल बताएं.