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164 लेख मिले · दूसरा भाव

शुक्र-शनि दूसरे भाव में: धार्मिक और न्यायप्रिय

दूसरे भाव में शुक्र और शनि की युति व्यक्ति को धार्मिक, दयालु और न्यायप्रिय बनाती है, साथ ही वे दिखने में सीधे-सादे पर बुद्धिमान होते हैं।

शुक्र-राहु दूसरे भाव में: धन, परिवार और संबंध

शुक्र और राहु की युति दूसरे भाव में आपके धन, परिवार और संबंधों को कैसे प्रभावित करती है। इस युति के शुभ और अशुभ प्रभाव जानें।

शुक्र-मंगल दूसरे भाव में: ससुराल से धन और संतान की बाधाएं

जब शुक्र और मंगल दूसरे भाव में होते हैं, तो ससुराल से धन लाभ हो सकता है, लेकिन संतान और शिक्षा में बाधाएं आ सकती हैं।

शुक्र-केतु दूसरे भाव में: धन, कला और पारिवारिक जीवन

शुक्र और केतु की युति दूसरे भाव में आपको धनी, कलात्मक बना सकती है, लेकिन संतान और वैवाहिक जीवन में चुनौतियां दे सकती है।

सूर्य-शनि दूसरे भाव में: धार्मिक रुचि और आर्थिक उतार-चढ़ाव

दूसरे भाव में सूर्य और शनि की युति व्यक्ति को धार्मिक, न्यायप्रिय और बुद्धिमान बनाती है, लेकिन यह आर्थिक अस्थिरता और पारिवारिक जीवन में चुनौतियां भी ला सकती है।

सूर्य-राहु दूसरे भाव में: धन, परिवार और भाग्य पर प्रभाव

सूर्य और राहु की दूसरे भाव में युति धन, परिवार और भाग्य में बड़े उतार-चढ़ाव ला सकती है। जानें इसके अच्छे और बुरे प्रभाव।

सूर्य-मंगल दूसरे भाव में: लंबी आयु और शत्रुओं पर विजय

सूर्य और मंगल का दूसरे भाव में होना लंबी आयु और शत्रुओं पर विजय दिलाता है। दिल साफ रखने से चारों ओर अच्छाई आती है।

सूर्य-केतु दूसरे भाव में: मान-सम्मान और स्वास्थ्य

सूर्य और केतु का दूसरे भाव में होना समाज में मान-सम्मान दिलाता है, लेकिन संतान और स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानियां भी दे सकता है।

चंद्रमा-शुक्र दूसरे भाव में: धन और चरित्र पर प्रभाव

दूसरे भाव में चंद्रमा और शुक्र की युति से व्यक्ति को धन लाभ हो सकता है, लेकिन चरित्र पर नियंत्रण रखना महत्वपूर्ण है।

चंद्रमा-राहु दूसरे भाव में: करियर, धन और परिवार का सुख

चंद्रमा और राहु की दूसरे भाव में युति आपके करियर, धन और पारिवारिक जीवन पर गहरा प्रभाव डाल सकती है, जिससे बेहतरीन या बेहद बुरे परिणाम मिल सकते हैं।

चंद्रमा-बुध दूसरे भाव में: पिता का स्वास्थ्य और धन पर प्रभाव

चंद्रमा और बुध का दूसरे भाव में होना पिता की लंबी उम्र और धन को प्रभावित कर सकता है, साथ ही परिवार और बच्चों के लिए भी कुछ चुनौतियां खड़ी कर सकता है।

चंद्रमा-मंगल दूसरे भाव में: परिवार, धन और संतान पर प्रभाव

दूसरे भाव में चंद्रमा और मंगल का एक साथ होना परिवार, धन, संतान और शिक्षा पर शुभ-अशुभ प्रभाव डालता है। जानें इसके परिणाम और उपाय।

चंद्रमा-केतु दूसरे भाव में: पारिवारिक सुख और गूढ़ विद्याओं में रुचि

चंद्रमा और केतु की युति दूसरे भाव में आपको पारिवारिक सुख देती है और गूढ़ विद्याओं में आपकी रुचि बढ़ाती है।