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धन · 414

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बुध-शनि दसवें भाव में: यात्रा से लाभ और कला में निपुणता

बुध और शनि की युति दसवें भाव में आपको कलाओं में निपुण और यात्राओं से लाभ दिलाने वाली हो सकती है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी संभव हैं।

बुध-राहु दसवें भाव में: धन, सम्मान और स्वास्थ्य पर प्रभाव

जानें बुध और राहु की दसवें भाव में युति आपके धन, सम्मान, शिक्षा और स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित कर सकती है। शुभ और अशुभ दोनों प्रभावों को समझें।

मंगल-शनि दसवें भाव में: धन, प्रसिद्धि और पारिवारिक सुख

मंगल और शनि का दसवें भाव में होना आपको खूब धन और नाम-शोहरत दिलाता है, लेकिन 42 साल के बाद ही शुभ समय शुरू होता है। नशे से बचें और सांपों का सम्मान करें।

मंगल-राहु दसवें भाव में: नाम, प्रसिद्धि और संपत्ति

मंगल और राहु की दसवें भाव में युति आपके लिए नाम, प्रसिद्धि और संपत्ति ला सकती है। हालांकि, कुछ स्वास्थ्य और वित्तीय चुनौतियां भी संभव हैं।

बृहस्पति-शुक्र दसवें भाव में: धन और नैतिक व्यवहार

बृहस्पति और शुक्र दसवें भाव में होने पर पैतृक संपत्ति कम हो सकती है, लेकिन ईमानदारी से कमाया धन सुरक्षित रहता है। अनैतिक व्यवहार से धनहानि और बीमारियाँ हो सकती हैं।

बृहस्पति-शनि दसवें भाव में: बुद्धिमान, पर पिता और परिवार के लिए बुरा

बृहस्पति और शनि का दसवें भाव में होना आपको बुद्धिमान बना सकता है, लेकिन यह आपके पिता और परिवार के लिए शुभ नहीं हो सकता है।

बृहस्पति-राहु दसवें भाव में: धन, लंबी उम्र और चुनौतियाँ

बृहस्पति और राहु का दसवें भाव में होना आपको मेहनती, धनी और लंबी उम्र वाला बना सकता है, लेकिन यह आपके पिता के लिए चुनौतियाँ ला सकता है।

बृहस्पति-बुध दसवें भाव में: समृद्धि और चुनौतियां

दसवें भाव में बृहस्पति और बुध की युति व्यक्ति को समृद्धि देती है, लेकिन पिता के लिए और व्यापार में चुनौतियां भी ला सकती है।

बृहस्पति-केतु दसवें भाव में: धन लाभ और पारिवारिक अशांति

बृहस्पति और केतु दसवें भाव में होने से आपको कहीं से भी बड़ा लाभ हो सकता है, लेकिन परिवारिक जीवन में अशांति और पिता के लिए समस्याएँ आ सकती हैं।

शुक्र-शनि नौवें भाव में: आपसी सुख और धन की बढ़ोतरी

शादी के बाद महिला का रुतबा थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन पति-पत्नी को बहुत अच्छे परिणाम मिल सकते हैं. आपसी सुख और धन की खूब बढ़ोतरी हो सकती है.

शुक्र-राहु नवम भाव में: पैतृक संपत्ति, प्रेम विवाह और दुर्भाग्य

नवम भाव में शुक्र और राहु का संयोग पैतृक संपत्ति में वृद्धि, प्रेम विवाह और धार्मिक यात्राएं देता है, लेकिन बच्चों की चिंताएं और दुर्भाग्य भी ला सकता है।

शुक्र-बुध नौवें भाव में: पैतृक संपत्ति, प्रेम विवाह और बुध के बुरे प्रभाव

नौवें भाव में शुक्र पैतृक संपत्ति, प्रेम विवाह और धार्मिक यात्राएं देता है, जबकि बुध साझेदारी में नुकसान, स्वास्थ्य समस्याएं और जीवनसाथी से अपमान ला सकता है।

शुक्र-मंगल नौवें भाव में: धन, भाग्य और प्रेम विवाह

नौवें भाव में शुक्र और मंगल की युति धन वृद्धि, सरकारी नौकरी, प्रेम विवाह और पत्नी के अच्छे स्वास्थ्य से जुड़ी है। उपाय के लिए चांदी की चूड़ी पहनें।

सूर्य-शुक्र नौवें भाव में: धन, भाग्य और सरकारी लाभ

सूर्य और शुक्र की नौवें भाव में युति पैतृक संपत्ति, सरकारी लाभ और धार्मिक यात्राओं का संकेत देती है, लेकिन बच्चों को लेकर चिंता और गरीबी का भी सामना करना पड़ सकता है।

सूर्य-शनि नौवें भाव में: धन, बच्चे और दुर्भाग्य

नौवें भाव में सूर्य और शनि की युति आपको अमीर बना सकती है, पर बच्चों और पिता के लिए अशुभ हो सकती है, साथ ही व्यापार में भी नुकसान दे सकती है।

शनि-राहु नौवें भाव में: धन, प्रसिद्धि और संतान संबंधी चुनौतियाँ

शनि और राहु की नौवें भाव में युति आपको धन और प्रसिद्धि दिला सकती है, लेकिन संतान संबंधी और पारिवारिक चुनौतियाँ भी पैदा कर सकती है।