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सूर्य · 173

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सूर्य-मंगल तीसरे भाव में: भाई-बहनों से लाभ और शत्रुओं पर विजय

जानें तीसरे भाव में सूर्य और मंगल की युति से भाई-बहनों से मिलने वाले लाभ, शत्रुओं पर विजय और अन्य शुभ-अशुभ प्रभावों के बारे में।

सूर्य-केतु तीसरे भाव में: सरकारी सफलता और पारिवारिक उन्नति

तीसरे भाव में सूर्य-केतु की युति आपको सरकारी मामलों में सफलता, व्यापार में तरक्की और परिवार से सम्मान दिला सकती है।

सूर्य-शनि दूसरे भाव में: धार्मिक रुचि और आर्थिक उतार-चढ़ाव

दूसरे भाव में सूर्य और शनि की युति व्यक्ति को धार्मिक, न्यायप्रिय और बुद्धिमान बनाती है, लेकिन यह आर्थिक अस्थिरता और पारिवारिक जीवन में चुनौतियां भी ला सकती है।

सूर्य-राहु दूसरे भाव में: धन, परिवार और भाग्य पर प्रभाव

सूर्य और राहु की दूसरे भाव में युति धन, परिवार और भाग्य में बड़े उतार-चढ़ाव ला सकती है। जानें इसके अच्छे और बुरे प्रभाव।

सूर्य-मंगल दूसरे भाव में: लंबी आयु और शत्रुओं पर विजय

सूर्य और मंगल का दूसरे भाव में होना लंबी आयु और शत्रुओं पर विजय दिलाता है। दिल साफ रखने से चारों ओर अच्छाई आती है।

सूर्य-केतु दूसरे भाव में: मान-सम्मान और स्वास्थ्य

सूर्य और केतु का दूसरे भाव में होना समाज में मान-सम्मान दिलाता है, लेकिन संतान और स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानियां भी दे सकता है।

बृहस्पति-सूर्य दूसरे भाव में: सम्मान और संपत्ति

जब बृहस्पति और सूर्य दूसरे भाव में होते हैं, तो व्यक्ति बड़े दिल वाला और सम्मानित होता है, लेकिन ससुराल वालों से अपमान भी मिल सकता है।

सूर्य-राहु पहले भाव में: सरकार से लाभ और स्वास्थ्य की चुनौतियाँ

पहले भाव में सूर्य और राहु की युति आपको सरकारी लाभ दिला सकती है, लेकिन आपको स्वास्थ्य समस्याओं और कड़वे स्वभाव का सामना करना पड़ सकता है।

सूर्य-चंद्रमा पहले भाव में: अचानक मृत्यु और राजा समान व्यक्तित्व

पहले भाव में सूर्य और चंद्रमा की युति व्यक्ति को राजा के समान बना सकती है, लेकिन अचानक मृत्यु का भी योग होता है।

सूर्य-मंगल पहले भाव में: लंबी उम्र और दुश्मनों पर जीत

सूर्य और मंगल की युति पहले भाव में आपको लंबी उम्र और दुश्मनों पर विजय दिला सकती है। हालांकि, मंगल की खराब स्थिति खूनी संघर्ष का कारण बन सकती है।

सूर्य-केतु पहले भाव में: सरकारी संबंध और यात्रा से लाभ

सूर्य और केतु का पहले भाव में होना सरकारी अधिकारियों से अच्छे संबंध और यात्राओं से लाभ दिला सकता है, लेकिन स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में चुनौतियाँ आ सकती हैं।

बृहस्पति-सूर्य पहले भाव में: पूर्वजों का सम्मान और सरकारी धन

पहले भाव में बृहस्पति और सूर्य की युति से आप पूर्वजों का सम्मान बढ़ाते हैं और सरकारी धन प्राप्त कर सकते हैं।