कुंडली से खोजें

सूर्य-शनि पहले भाव में: ज्ञान और पाखंड

1 मिनट Read in English

अच्छे दौर: इतना कहना ही काफी है कि आप सर्वव्यापी (सब जगह फैलने वाले) ईश्वर के बारे में जानने वाले हो सकते हैं।

बुरे दौर: अच्छे और बुरे दोनों तरह के फल मिलते हैं (बुध के फल देते हैं)।

  • आप पाखंडी (जो कहते हैं, उसका मतलब नहीं होता) हो सकते हैं; आपका स्वभाव कौवे जैसा हो सकता है।
  • राहु-केतु का बुरा मेल हो सकता है; सूर्य कमाई करता है, शनि उसे बर्बाद करता है।
  • इन दोनों ग्रहों का टकराव शुक्र की अच्छाई पर असर डालता है (घर की महिला को प्रभावित करता है)।
क्या यह लेख काम आया?
इस लेख को रेटिंग दें

टिप्पणियाँ (0)

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली आप लिखिए।

मिलते-जुलते लेख

सूर्य-शनि-शुक्र-केतु-चंद्रमा की युति: पत्नी, संतान और मां को कष्ट

यदि सूर्य के साथ शनि, शुक्र, केतु और चंद्रमा एक साथ हों तो पत्नी, संतान और मां को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

अपनी कुंडली का लाल किताब विश्लेषण चाहिए?

नाम और WhatsApp नंबर दीजिए — हम आपसे संपर्क करेंगे।