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सूर्य · 159

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सूर्य-केतु चौथे भाव में: संपत्ति लाभ और पारिवारिक चुनौतियाँ

सूर्य और केतु का चौथे भाव में होना सरकारी काम, संपत्ति व्यापार से लाभ देता है, लेकिन पारिवारिक जीवन और स्वास्थ्य में चुनौतियाँ लाता है।

सूर्य-शुक्र तीसरे भाव में: कार्य, परिवार और सफलता

सूर्य और शुक्र की तीसरे भाव में युति कार्य, परिवार और सामाजिक संबंधों को प्रभावित करती है. यह युति सरकारी मामलों में सफलता और भाई से लाभ दिला सकती है.

सूर्य-शनि तीसरे भाव में: सरकारी नौकरी और धन लाभ

तीसरे भाव में सूर्य और शनि की युति सरकारी नौकरी, धन लाभ और दुश्मनों पर जीत दिला सकती है। हालांकि, यह कुछ पारिवारिक कलह भी ला सकती है।

सूर्य-राहु तीसरे भाव में: निरंतर प्रगति और बच्चों का सुख

तीसरे भाव में सूर्य और राहु की युति आपको निरंतर प्रगति, नौकरी में स्थिरता और बच्चों के साथ सुख प्रदान कर सकती है।

सूर्य-चंद्रमा तीसरे भाव में: स्वार्थ और धन हानि

तीसरे भाव में सूर्य और चंद्रमा की युति आपको भाग्यशाली बना सकती है, पर आप स्वार्थी हो सकते हैं और धन हानि, पारिवारिक झगड़े, और बच्चों से परेशानी का सामना कर सकते हैं।

सूर्य-मंगल तीसरे भाव में: भाई-बहनों से लाभ और शत्रुओं पर विजय

जानें तीसरे भाव में सूर्य और मंगल की युति से भाई-बहनों से मिलने वाले लाभ, शत्रुओं पर विजय और अन्य शुभ-अशुभ प्रभावों के बारे में।

सूर्य-केतु तीसरे भाव में: सरकारी सफलता और पारिवारिक उन्नति

तीसरे भाव में सूर्य-केतु की युति आपको सरकारी मामलों में सफलता, व्यापार में तरक्की और परिवार से सम्मान दिला सकती है।

सूर्य-शनि दूसरे भाव में: धार्मिक रुचि और आर्थिक उतार-चढ़ाव

दूसरे भाव में सूर्य और शनि की युति व्यक्ति को धार्मिक, न्यायप्रिय और बुद्धिमान बनाती है, लेकिन यह आर्थिक अस्थिरता और पारिवारिक जीवन में चुनौतियां भी ला सकती है।

सूर्य-राहु दूसरे भाव में: धन, परिवार और भाग्य पर प्रभाव

सूर्य और राहु की दूसरे भाव में युति धन, परिवार और भाग्य में बड़े उतार-चढ़ाव ला सकती है। जानें इसके अच्छे और बुरे प्रभाव।

सूर्य-मंगल दूसरे भाव में: लंबी आयु और शत्रुओं पर विजय

सूर्य और मंगल का दूसरे भाव में होना लंबी आयु और शत्रुओं पर विजय दिलाता है। दिल साफ रखने से चारों ओर अच्छाई आती है।

सूर्य-केतु दूसरे भाव में: मान-सम्मान और स्वास्थ्य

सूर्य और केतु का दूसरे भाव में होना समाज में मान-सम्मान दिलाता है, लेकिन संतान और स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानियां भी दे सकता है।

बृहस्पति-सूर्य दूसरे भाव में: सम्मान और संपत्ति

जब बृहस्पति और सूर्य दूसरे भाव में होते हैं, तो व्यक्ति बड़े दिल वाला और सम्मानित होता है, लेकिन ससुराल वालों से अपमान भी मिल सकता है।