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उपाय · 233

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मंगल-केतु नौवें भाव में: तरक्की, संतान और उपाय

नौवें भाव में मंगल और केतु की युति आपके करियर, संतान और भाग्य को कैसे प्रभावित करती है? जानिए शुभ-अशुभ प्रभाव और उनके सरल उपाय।

सूर्य-शनि आठवें भाव में: व्यापार में लाभ और लंबी उम्र

सूर्य और शनि के आठवें भाव में होने से व्यापार में लाभ, लंबी उम्र और ससुराल से फायदे मिल सकते हैं, लेकिन अवैध संबंध और मुकदमेबाजी से बचें.

चंद्रमा-शुक्र आठवें भाव में: सेहत, धन और चरित्र पर असर

आठवें भाव में चंद्रमा और शुक्र की युति सेहत, धन और चरित्र पर नकारात्मक असर डाल सकती है। उपायों से इन समस्याओं को कम किया जा सकता है।

चंद्रमा-शनि आठवें भाव में: लंबी उम्र और अचानक धन लाभ

आठवें भाव में चंद्रमा और शनि की युति व्यापार और नौकरी दोनों में लाभ दे सकती है। यह आपको लंबी उम्र और पैतृक संपत्ति दिला सकती है।

चंद्रमा-केतु आठवें भाव में: विरासत, वैवाहिक सुख और स्वास्थ्य

यह युति माता-पिता की सेवा, पैतृक संपत्ति, और वैवाहिक जीवन पर असर डालती है। कुछ मामलों में दो शादियां और बच्चों से संबंधित मुद्दे भी हो सकते हैं।

मंगल-शनि आठवें भाव में: व्यापार, लंबी उम्र और धन लाभ

मंगल और शनि का आठवें भाव में मेल व्यापार और नौकरी दोनों में सफलता दिलाता है। व्यक्ति लंबी उम्र पाता है और धनवान बनता है।

बृहस्पति-राहु आठवें भाव में: भाग्य का उतार-चढ़ाव और गुप्त कार्य

आठवें भाव में बृहस्पति और राहु की युति आपके भाग्य में उतार-चढ़ाव ला सकती है। आपको ससुराल से लाभ मिल सकता है, लेकिन गुप्त कार्य और दूसरों के धन पर निर्भरता से बचें।

बृहस्पति-चंद्रमा आठवें भाव में: दीर्घायु और धन लाभ

बृहस्पति और चंद्रमा के आठवें भाव में होने से आपको लंबी उम्र और धन लाभ हो सकता है, लेकिन भाइयों से रिश्तों में सावधानी बरतें।

शनि-राहु सातवें भाव में: धन, संतान और स्वास्थ्य

सातवें भाव में शनि और राहु का मेल धन, संतान और स्वास्थ्य पर अलग-अलग प्रभाव डालता है। जानिए क्या हो सकते हैं शुभ और अशुभ परिणाम।

मंगल-शनि सातवें भाव में: धन, जीवनसाथी और मानसिक शांति

मंगल और शनि की युति सातवें भाव में धन, जीवनसाथी का सुख और मानसिक शांति प्रदान कर सकती है, लेकिन बुढ़ापे में आंखों और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें.

बृहस्पति-मंगल सातवें भाव में: विवाह, धन और सम्मान

बृहस्पति और मंगल की युति सातवें भाव में विवाह के बाद भाग्य में वृद्धि, साझेदारी से लाभ और समाज में सम्मान दिलाती है।

चंद्रमा-केतु छठे भाव में: निडर बच्चे, शत्रु पर विजय

चंद्रमा और केतु की छठे भाव में युति से बच्चे निडर और धनवान होते हैं, दुश्मनों पर जीत मिलती है, लेकिन स्वास्थ्य और परिवार में कुछ चुनौतियाँ आ सकती हैं।

बुध-शनि छठे भाव में: स्वास्थ्य और शत्रु पर प्रभाव

छठे भाव में बुध और शनि की युति स्वास्थ्य, शत्रुओं और कानूनी मामलों पर गहरा प्रभाव डालती है। जानें इसके शुभ-अशुभ फल और उपाय।