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मंगल · 152

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मंगल तीसरे भाव में: भाई-बहन, वैवाहिक सुख और शत्रु पर विजय

मंगल के तीसरे भाव में होने से भाई-बहन का सुख मिलता है, शादी के बाद भाग्य चमकता है और आप शत्रुओं पर विजय प्राप्त करते हैं।

मंगल दूसरे भाव में: भाई-बहन, शिक्षा और धन पर प्रभाव

मंगल का दूसरे भाव में होना आपके भाई-बहनों, शिक्षा, और धन को कैसे प्रभावित करता है, और इसके शुभ-अशुभ प्रभाव क्या हैं, जानें।

मंगल पहले भाव में: व्यापार में लाभ और दृढ़ संकल्प

मंगल के पहले भाव में होने से आपको व्यापार में लाभ, धन की प्राप्ति और दृढ़ संकल्प मिलता है। हालांकि, मां और जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर चुनौतियां हो सकती हैं।

शुक्र-मंगल बारहवें भाव में: जीवनसाथी, गुप्त रुचि और परेशानियाँ

शुक्र और मंगल का बारहवें भाव में होना जीवनसाथी के लिए अच्छे-बुरे प्रभाव लाता है, साथ ही गुप्त रुचियां भी देता है।

सूर्य-मंगल बारहवें भाव में: परिवार, व्यापार और गुप्त विद्या

बारहवें भाव में सूर्य और मंगल की युति परिवार से लाभ, व्यापार में सफलता और गुप्त विद्याओं में रुचि देती है, लेकिन कुछ चुनौतियाँ भी ला सकती है।

चंद्रमा-मंगल बारहवें भाव में: संतोषजनक जीवन और संभावित चुनौतियाँ

बारहवें भाव में चंद्रमा और मंगल का मेल एक संतोषजनक जीवन दे सकता है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं, खासकर 28 साल की उम्र के बाद।

मंगल-शनि बारहवें भाव में: धन, परिवार और शत्रु पर प्रभाव

बारहवें भाव में मंगल और शनि की युति धन, परिवार और शत्रुओं पर अच्छे-बुरे प्रभाव डाल सकती है। यह युति आपकी नींद, संपत्ति और बच्चों पर भी असर डालती है।

मंगल-राहु बारहवें भाव में: धन, सुख और शत्रुओं पर विजय

मंगल और राहु के बारहवें भाव में होने पर व्यक्ति धनी, सुखी और शत्रुओं पर विजय पाने वाला होता है। हालांकि, मानसिक तनाव और पारिवारिक बोझ भी संभव है।

मंगल-बुध बारहवें भाव में: धन, संपत्ति और संतान सुख

मंगल और बुध का बारहवें भाव में होना धन, संपत्ति और संतान के लिए शुभ हो सकता है, लेकिन वादे तोड़ने और चिंता जैसी चुनौतियां भी ला सकता है।

मंगल-केतु बारहवें भाव में: तरक्की, संपत्ति और शत्रु पर विजय

मंगल और केतु का बारहवें भाव में होना आपको अच्छी तरक्की, खुशहाल पारिवारिक जीवन और दुश्मनों पर जीत दिला सकता है। हालांकि, पुश्तैनी जायदाद और बच्चों को लेकर चिंताएं भी हो सकती हैं।

बृहस्पति-मंगल बारहवें भाव में: पारिवारिक सुख और स्वास्थ्य पर प्रभाव

बारहवें भाव में बृहस्पति और मंगल की युति पारिवारिक सुख और शांति दे सकती है, लेकिन संतान और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ भी ला सकती है।

सूर्य-मंगल ग्यारहवें भाव में: धन, सम्मान और सफल रिश्ते

सूर्य और मंगल का ग्यारहवें भाव में होना आपको धनी, सम्मानित और सामाजिक रूप से सफल बना सकता है, लेकिन कुछ पारिवारिक विवादों का भी सामना करना पड़ सकता है।

मंगल-शनि ग्यारहवें भाव में: भाग्य, धन और प्रसिद्धि

जानें कि मंगल और शनि की युति ग्यारहवें भाव में कैसे आपके भाग्य को जगा सकती है और आपको धन, प्रसिद्धि और लंबी उम्र दे सकती है।

मंगल-राहु ग्यारहवें भाव में: धन, प्रसिद्धि और जीवन में चुनौतियाँ

मंगल और राहु के ग्यारहवें भाव में होने से व्यक्ति को धन, प्रसिद्धि और संतान सुख मिल सकता है। हालांकि, कर्ज और पारिवारिक विरोध जैसी चुनौतियां भी आ सकती हैं।