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मुकदमा · 112

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मंगल-बुध छठे भाव में: समुद्री यात्रा, अच्छी शिक्षा और शत्रु पर विजय

मंगल और बुध का छठे भाव में एक साथ होना समुद्री यात्राओं से लाभ, अच्छी शिक्षा और शत्रुओं पर विजय दिला सकता है।

बृहस्पति-सूर्य छठे भाव में: सरकारी लाभ और स्वास्थ्य पर प्रभाव

बृहस्पति और सूर्य के छठे भाव में होने से सरकारी कामों में सफलता मिल सकती है, लेकिन स्वास्थ्य और परिवार पर नकारात्मक असर भी हो सकता है।

बृहस्पति-राहु छठे भाव में: धन, शत्रु पर विजय और लंबी आयु

बृहस्पति और राहु का छठे भाव में होना धन, शत्रुओं पर विजय और लंबी आयु दे सकता है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।

शनि-राहु पांचवें भाव में: संतान, स्वास्थ्य और धन पर प्रभाव

पांचवें भाव में शनि और राहु की युति संतान, स्वास्थ्य और धन पर अच्छे-बुरे प्रभाव डाल सकती है। जानिए इसके विभिन्न परिणाम।

चंद्रमा-मंगल पांचवे भाव में: संतान, व्यापार और लंबी उम्र

जानें पांचवे भाव में चंद्रमा और मंगल की युति आपके जीवन पर क्या प्रभाव डालती है, खासकर संतान, व्यापार और स्वास्थ्य के मामलों में।

बुध-शनि पांचवें भाव में: बुद्धिमान, शिक्षित और संतान सुख

पांचवें भाव में बुध और शनि की युति आपको बुद्धिमान, शिक्षित और संतान सुख प्रदान कर सकती है, लेकिन कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है।

चंद्रमा-राहु चौथे भाव में: पारिवारिक सुख और पैतृक धन

चंद्रमा और राहु के चौथे भाव में होने से पारिवारिक सुख और पैतृक व्यवसाय में लाभ मिल सकता है, लेकिन माँ से मतभेद और धन का अपव्यय भी संभव है।

बृहस्पति-राहु चौथे भाव में: पारिवारिक चिंता और सरकारी नुकसान

चौथे भाव में बृहस्पति और राहु की युति से आपको पारिवारिक चिंताएं, सरकारी कार्यों में नुकसान और वैवाहिक जीवन में कठिनाइयां हो सकती हैं।

सूर्य-मंगल तीसरे भाव में: भाई-बहनों से लाभ और शत्रुओं पर विजय

जानें तीसरे भाव में सूर्य और मंगल की युति से भाई-बहनों से मिलने वाले लाभ, शत्रुओं पर विजय और अन्य शुभ-अशुभ प्रभावों के बारे में।

चंद्रमा-मंगल तीसरे भाव में: ज्ञान और क्रोध के प्रभाव

तीसरे भाव में चंद्रमा और मंगल का मेल आपको समझदार और सम्मानित बना सकता है, लेकिन अत्यधिक क्रोध और अहंकार से दुर्भाग्य और कर्ज का सामना करना पड़ सकता है।

चंद्रमा-केतु तीसरे भाव में: यात्राओं से लाभ और पारिवारिक चुनौतियाँ

तीसरे भाव में चंद्रमा और केतु की युति यात्राओं से लाभ दिला सकती है, पर पारिवारिक संबंधों और स्वास्थ्य में चुनौतियाँ दे सकती है।

मंगल-शनि तीसरे भाव में: संपत्ति और पारिवारिक चुनौतियाँ

मंगल और शनि की तीसरे भाव में युति संपत्ति दिला सकती है, लेकिन पारिवारिक विरोध और संतान संबंधी समस्याएँ भी दे सकती है।

मंगल-राहु तीसरे भाव में: अस्थिरता और व्यापार में बाधाएं

मंगल और राहु की तीसरे भाव में युति जीवन में अस्थिरता ला सकती है, जिससे व्यापार में बाधाएं और रिश्तों में धोखे का सामना करना पड़ सकता है।

मंगल-केतु तीसरे भाव में: यात्रा, संतान और स्वास्थ्य

मंगल और केतु के तीसरे भाव में होने से आपको यात्राओं से लाभ होता है, संतान का सुख मिलता है, लेकिन स्वास्थ्य और रिश्तों में चुनौतियां आ सकती हैं।