बृहस्पति-शनि छठे भाव में: वैवाहिक सुख और आर्थिक स्थिति
अच्छाई के रास्ते: जीवनसाथी की तरफ से बहुत खुशी और आराम मिल सकता है।
बुराई के रास्ते:
- अगर गुरु (Jupiter) अशुभ हो और शनि (Saturn) मजबूत हो, तो जीवनसाथी से मिलने वाली खुशी कम हो सकती है।
- जीवनसाथी और ससुराल पक्ष के साथ झगड़े हो सकते हैं।
- जब गुरु मजबूत हो और शनि अशुभ हो, तब आर्थिक स्थिति खराब हो सकती है।