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नौकरी · 35

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बृहस्पति-सूर्य, शुक्र-मंगल और अन्य ग्रहों के योग: धन, नौकरी और संबंध

लाल किताब के अनुसार विभिन्न ग्रहों के योग से धन, नौकरी, परिवार और रिश्तों पर क्या प्रभाव पड़ते हैं, जानिए इस लेख में।

शुक्र ग्यारहवें भाव में: धन, कला और वैवाहिक प्रगति

ग्यारहवें भाव में शुक्र आपको सही-गलत का ज्ञान देता है, धन की कमी नहीं होने देता और कला के क्षेत्र में सफलता दिलाता है। शादी के बाद आपकी तरक्की होगी।

बुध दसवें भाव में: लेखक, संपादक और धन लाभ

जानें बुध के दसवें भाव में होने से व्यक्ति लेखक, संपादक कैसे बनता है और समुद्री यात्राओं से लाभ कैसे कमाता है। साथ ही, पिता के स्वास्थ्य और धन हानि से जुड़े बुरे प्रभावों से कैसे बचें।

मंगल दसवें भाव में: धन, तरक्की और सामाजिक सहयोग

मंगल का दसवें भाव में होना परिवार में धन और तरक्की लाता है। यह आपको सेना में उच्च पद और सामाजिक मामलों में सहयोग दे सकता है।

केतु दूसरे भाव में: धन, यात्रा और पिता को कष्ट

केतु का दूसरे भाव में होना आपको कमीशन एजेंट या सरकारी अधिकारी बना सकता है, साथ ही लंबी यात्राएं भी करवा सकता है। हालांकि, पिता को कष्ट और नौकरी में बदलाव भी संभव है।

बुध पहले भाव में: शिक्षा, व्यापार और जीवन के रास्ते

पहले भाव में बुध व्यक्ति को शिक्षित, सरकारी अधिकारी और रहस्यमयी विद्याओं का ज्ञाता बनाता है। विदेश व्यापार से लाभ और अच्छे-बुरे जीवन के संकेतों को जानें।

सूर्य-शनि दसवें भाव में: राजयोग, संपत्ति और सरकारी लाभ

दसवें भाव में सूर्य और शनि की युति से व्यक्ति को राजा जैसा मान-सम्मान, संपत्ति और सरकारी क्षेत्रों से लाभ मिल सकता है।

चंद्रमा-शनि दसवें भाव में: करियर में बदलाव और सामाजिक प्रतिष्ठा

चंद्रमा और शनि के दसवें भाव में होने से करियर में कई बदलाव आ सकते हैं और आप सामाजिक सेवा से मान-सम्मान पा सकते हैं।

चंद्रमा-राहु दसवें भाव में: धन, सम्मान और स्वास्थ्य

दसवें भाव में चंद्रमा और राहु की युति आपको धनवान, सम्मानित और लंबी उम्र वाला बना सकती है, लेकिन कुछ स्वास्थ्य और आर्थिक चुनौतियाँ भी दे सकती है।

चंद्रमा-बुध दसवें भाव में: शिक्षा, यात्रा और सम्मान

चंद्रमा और बुध का दसवें भाव में होना आपको शिक्षा, यात्रा और सरकारी क्षेत्र में सम्मान दिला सकता है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।

चंद्रमा-केतु दसवें भाव में: परिवार का कल्याण और पेशेवर बदलाव

चंद्रमा और केतु की दसवें भाव में युति परिवार के लिए कल्याणकारी होती है, पेशेवर बदलाव लाती है और सामाजिक सेवा की ओर झुकाव देती है।