बृहस्पति-सूर्य, शुक्र-मंगल और अन्य ग्रहों के योग: धन, नौकरी और संबंध
लाल किताब के अनुसार विभिन्न ग्रहों के योग से धन, नौकरी, परिवार और रिश्तों पर क्या प्रभाव पड़ते हैं, जानिए इस लेख में।
लाल किताब के अनुसार विभिन्न ग्रहों के योग से धन, नौकरी, परिवार और रिश्तों पर क्या प्रभाव पड़ते हैं, जानिए इस लेख में।
ग्यारहवें भाव में शुक्र आपको सही-गलत का ज्ञान देता है, धन की कमी नहीं होने देता और कला के क्षेत्र में सफलता दिलाता है। शादी के बाद आपकी तरक्की होगी।
जानें दसवें भाव में सूर्य के शुभ-अशुभ फल और उनके सरल उपाय, जो आपको राजा जैसा मान-सम्मान और वाहन सुख दिला सकते हैं।
जानें शनि के दसवें भाव में होने से जीवन के विभिन्न पहलुओं पर क्या शुभ-अशुभ प्रभाव पड़ते हैं, और क्या उपाय करने चाहिए।
जानें बुध के दसवें भाव में होने से व्यक्ति लेखक, संपादक कैसे बनता है और समुद्री यात्राओं से लाभ कैसे कमाता है। साथ ही, पिता के स्वास्थ्य और धन हानि से जुड़े बुरे प्रभावों से कैसे बचें।
मंगल का दसवें भाव में होना परिवार में धन और तरक्की लाता है। यह आपको सेना में उच्च पद और सामाजिक मामलों में सहयोग दे सकता है।
जानें बृहस्पति का दसवें भाव में आपके काम, परिवार और शिक्षा पर क्या असर होता है। उपाय भी जानें।
शनि छठे भाव में आपको धन, कई बच्चे और एक सफल कानूनी करियर दिला सकता है। हालांकि, स्वास्थ्य और कानूनी विवादों का ध्यान रखें।
जानें पांचवें भाव में बुध के शुभ-अशुभ प्रभाव, शिक्षा, संतान, स्वास्थ्य और करियर पर असर।
केतु का दूसरे भाव में होना आपको कमीशन एजेंट या सरकारी अधिकारी बना सकता है, साथ ही लंबी यात्राएं भी करवा सकता है। हालांकि, पिता को कष्ट और नौकरी में बदलाव भी संभव है।
पहले भाव में बुध व्यक्ति को शिक्षित, सरकारी अधिकारी और रहस्यमयी विद्याओं का ज्ञाता बनाता है। विदेश व्यापार से लाभ और अच्छे-बुरे जीवन के संकेतों को जानें।
मंगल और बुध की ग्यारहवें भाव में युति आपके भाग्य, धन और सामाजिक संबंधों पर गहरा असर डालती है। 34 साल के बाद भाग्य चमक सकता है।
दसवें भाव में सूर्य और शनि की युति से व्यक्ति को राजा जैसा मान-सम्मान, संपत्ति और सरकारी क्षेत्रों से लाभ मिल सकता है।
सूर्य और राहु का दसवें भाव में होना पिता से संबंधों और करियर में उतार-चढ़ाव ला सकता है।
सूर्य और बुध की युति दसवें भाव में अच्छे और बुरे दोनों परिणाम दे सकती है, खासकर जब पहले और दूसरे भाव खाली हों।
चंद्रमा और शनि के दसवें भाव में होने से करियर में कई बदलाव आ सकते हैं और आप सामाजिक सेवा से मान-सम्मान पा सकते हैं।
दसवें भाव में चंद्रमा और राहु की युति आपको धनवान, सम्मानित और लंबी उम्र वाला बना सकती है, लेकिन कुछ स्वास्थ्य और आर्थिक चुनौतियाँ भी दे सकती है।
चंद्रमा और बुध का दसवें भाव में होना आपको शिक्षा, यात्रा और सरकारी क्षेत्र में सम्मान दिला सकता है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।
दसवें भाव में चंद्रमा और मंगल का मेल धन, परिवार की प्रगति और सामाजिक कार्यों में रुचि दिला सकता है।
चंद्रमा और केतु की दसवें भाव में युति परिवार के लिए कल्याणकारी होती है, पेशेवर बदलाव लाती है और सामाजिक सेवा की ओर झुकाव देती है।