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सूर्य-बुध दसवें भाव में: मान-सम्मान और कर्म पर प्रभाव

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अच्छे प्रभाव:

  • आपको भगवान जैसा महसूस हो सकता है.

सूर्य और बुध के अपने प्रभाव को उस भाव (घर) में देखना चाहिए. यहाँ उनका पहले और दूसरे भाव में बैठे ग्रहों के साथ मेल भी होता है.

  • लेकिन, अगर पहला और दूसरा भाव खाली हैं, तो सूर्य और बुध के अच्छे परिणाम मिलते हैं.
  • लेकिन, साथ ही कुंडली (जन्मपत्री) में शनि की स्थिति भी देखें; वही अच्छे और बुरे दोनों तरह के परिणाम देगा.

बुरे प्रभाव: जब इस स्थिति से शनि का बुरा प्रभाव मिलता है, तो बदनामी फैलती है और काम बिगड़ने लगते हैं. आप खुद ही बेबस होकर इसके जिम्मेदार हो सकते हैं.

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