बृहस्पति-राहु आठवें भाव में: भाग्य का उतार-चढ़ाव और गुप्त कार्य
आठवें भाव में बृहस्पति और राहु की युति आपके भाग्य में उतार-चढ़ाव ला सकती है। आपको ससुराल से लाभ मिल सकता है, लेकिन गुप्त कार्य और दूसरों के धन पर निर्भरता से बचें।
आठवें भाव में बृहस्पति और राहु की युति आपके भाग्य में उतार-चढ़ाव ला सकती है। आपको ससुराल से लाभ मिल सकता है, लेकिन गुप्त कार्य और दूसरों के धन पर निर्भरता से बचें।
बृहस्पति और चंद्रमा के आठवें भाव में होने से आपको लंबी उम्र और धन लाभ हो सकता है, लेकिन भाइयों से रिश्तों में सावधानी बरतें।
बृहस्पति और बुध के आठवें भाव में होने से बीमारियाँ और 16 से 22 साल की उम्र में किस्मत खराब हो सकती है।
बृहस्पति और मंगल की आठवें भाव में युति परिवार को आराम दे सकती है, लेकिन बदनामी, कर्ज़ और संतान संबंधी समस्याएँ भी ला सकती है।
बृहस्पति और केतु का आठवें भाव में होना खालीपन और असंतुष्टि ला सकता है, जिससे गरीबी और निराशा बढ़ सकती है।