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राहु आठवें भाव में: भाग्य में उतार-चढ़ाव और ससुराल से लाभ

आठवें भाव में राहु भाग्य में बदलाव ला सकता है, लेकिन 28-42 वर्ष की आयु में भाग्य चमक सकता है। ससुराल पक्ष से लाभ और 34 से पहले विवाह संभव है।

चंद्रमा आठवें भाव में: दीर्घायु और भाग्य का निर्माण

चंद्रमा के आठवें भाव में होने से व्यक्ति दीर्घायु होता है और स्वयं अपना भाग्य बनाता है। माता-पिता का सम्मान और पत्नी के साथ मधुर संबंध शुभ फल देते हैं।

राहु सातवें भाव में: धन, संपत्ति और पारिवारिक चिंताएं

राहु के सातवें भाव में होने से आपको खूब धन और संपत्ति मिल सकती है, लेकिन परिवार और ससुराल वालों की चिंताएं भी बढ़ सकती हैं।

चंद्रमा सातवें भाव में: धन, शुभ पत्नी और विदेश यात्रा

जानें कैसे चंद्रमा का सातवें भाव में होना आपको धन, एक अच्छी पत्नी और विदेश यात्रा के अवसर दे सकता है। अशुभ प्रभावों और उनके सरल उपायों के बारे में भी पढ़ें।

बुध सातवें भाव में: व्यापार, विवाह और परिवार

बुध के सातवें भाव में होने से व्यापार में लाभ, विदेश में विवाह, और परिवार की तरक्की हो सकती है। हालांकि, कुछ मामलों में वैवाहिक जीवन में चुनौतियां भी आ सकती हैं।

मंगल सातवें भाव में: परिवार, धन और वैवाहिक जीवन

मंगल का सातवें भाव में होना आपको परिवार का पालन-पोषण करने वाला, धनी और न्यायप्रिय बनाता है। हालांकि, यह वैवाहिक जीवन में चुनौतियां और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी दे सकता है।

चंद्रमा छठे भाव में: स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन

छठे भाव में चंद्रमा के शुभ-अशुभ प्रभाव जानें। यह स्थिति स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और रिश्तों को कैसे प्रभावित करती है, और इसके उपाय क्या हैं।

बुध छठे भाव में: शिक्षा, स्वास्थ्य और उपाय

जानें बुध के छठे भाव में होने से शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवार पर क्या असर पड़ता है। साथ ही, इसके शुभ-अशुभ प्रभावों और लाल किताब के आसान उपाय भी जानें।

शुक्र पांचवे भाव में: प्रेम, संतान और भाग्य

पांचवे भाव में शुक्र प्रेम संबंधों में सफलता, कई संतान और पत्नी के भाग्य से व्यापार में लाभ दिलाता है, पर चरित्रहीनता और ससुराल से अनबन भी दे सकता है।

मंगल पांचवें भाव में: संतान, स्वास्थ्य और धन पर प्रभाव

जानें मंगल का पांचवें भाव में होना आपकी संतान, स्वास्थ्य, धन और पारिवारिक जीवन को कैसे प्रभावित करता है। इसके शुभ-अशुभ प्रभाव और लाल किताब के उपाय।

सूर्य चौथे भाव में: संपत्ति, सम्मान और पारिवारिक जीवन

सूर्य के चौथे भाव में होने से आपको संपत्ति और सरकारी सम्मान मिल सकता है, लेकिन पारिवारिक जीवन में चुनौतियाँ आ सकती हैं।

शनि चौथे भाव में: घर, परिवार और स्वास्थ्य

जानें शनि के चौथे भाव में होने पर घर-परिवार, वाहन और स्वास्थ्य पर क्या अच्छे-बुरे प्रभाव पड़ सकते हैं, और उनसे जुड़े उपाय क्या हैं।

चंद्रमा चौथे भाव में: पैतृक व्यापार और माँ से संबंध

चंद्रमा के चौथे भाव में होने से आपको पैतृक व्यापार और माँ से लाभ मिल सकता है, लेकिन कुछ स्थितियों में माँ से संबंध खराब हो सकते हैं।