कुंडली से खोजें

केतु पांचवें भाव में: संतान, धन और स्वास्थ्य

2 मिनट Read in English

अच्छे फल मिलते हैं अगर:

  • आपका परिवार बड़ा होगा (बेटे, पोते). आप सुंदर और मजबूत शरीर वाले होंगे. आपका चरित्र अच्छा होगा, धार्मिक विचार होंगे, गुरु के प्रति समर्पित होंगे और आप आराम से जीवन जिएंगे, धनवान होंगे.
  • आपकी पीठ और पेट पर शहद के रंग का धब्बा हो सकता है.

नोट: अगर कुंडली (जन्मपत्री) में बृहस्पति (गुरु) उच्च का (बहुत मजबूत) है, तो यह केतु को शुभ (अच्छा) बनाता है.

अच्छाई के संकेत: अगर आपका एक भाई है, तो आपके तीन मामा हो सकते हैं. और जब आपके दो मामा होंगे, तो आपके दो भाई हो सकते हैं.

बुरे फल:

  • जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती जाएगी, आपकी बुरी संगत (बुरे लोगों का साथ) और ज्यादा मजबूत होती जाएगी. आपके बच्चों को सांस की बीमारी का खतरा हो सकता है.
  • बच्चे आपके जीवनसाथी (पति/पत्नी) के लिए अशुभ (बुरे) हो सकते हैं.
  • आप गरीब, निराशावादी (नकारात्मक सोचने वाले) हो सकते हैं और पारिवारिक जीवन में दुखी रह सकते हैं.

बुराई के संकेत: आपके तीन बेटों की मृत्यु हो सकती है. संतान (बच्चे) से अच्छा सुख लगभग 36 साल की उम्र में मिल सकता है.

क्या करें और क्या न करें:

  • बहुत सारे लोहे के बक्से, लॉकर आदि लंबे समय तक बिना खुले न रखें.
  • अपने धर्म और विश्वास को नीचा न दिखाएं. किसी को गुमराह (भ्रमित) न करें.
  • गुरु और पूर्वजों (बड़ों) का आशीर्वाद लें.
  • पानी में चीनी घोलकर सूर्य (सूरज) को चढ़ाएं.
क्या यह लेख काम आया?
इस लेख को रेटिंग दें

टिप्पणियाँ (0)

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली आप लिखिए।

मिलते-जुलते लेख

मंगल पांचवें भाव में: संतान, स्वास्थ्य और धन पर प्रभाव

जानें मंगल का पांचवें भाव में होना आपकी संतान, स्वास्थ्य, धन और पारिवारिक जीवन को कैसे प्रभावित करता है। इसके शुभ-अशुभ प्रभाव और लाल किताब के उपाय।

बृहस्पति-मंगल पांचवें भाव में: संतान, धन और पारिवारिक सुख

बृहस्पति और मंगल की युति पांचवें भाव में संतान के जन्म के बाद तरक्की, धन वृद्धि और पारिवारिक सुख ला सकती है। दान स्वीकार करने से बचें।

मंगल-केतु पांचवें भाव में: संतान, धन और स्वास्थ्य

मंगल और केतु के पांचवें भाव में होने पर संतान, धन और स्वास्थ्य पर शुभ-अशुभ प्रभाव पड़ सकते हैं। जानें इसके ज्योतिषीय परिणाम।

शुक्र-केतु पांचवें भाव में: प्रेम, संतान और नैतिकता

पांचवें भाव में शुक्र और केतु की युति आपको प्रेम, संतान और धन के मामलों में शुभ-अशुभ फल दे सकती है। जानें इसके प्रभाव और उपाय।

शुक्र-मंगल पांचवें भाव में: संतान, व्यापार और नैतिकता पर प्रभाव

पांचवें भाव में शुक्र और मंगल की युति संतान, व्यापार और नैतिक मूल्यों पर शुभ और अशुभ दोनों तरह के प्रभाव डालती है।

अपनी कुंडली का लाल किताब विश्लेषण चाहिए?

नाम और WhatsApp नंबर दीजिए — हम आपसे संपर्क करेंगे।