कुंडली से खोजें

परिवार · 358

ग्रह और भाव चुनकर खोजें →

शनि-राहु छठे भाव में: धन, शत्रु पर विजय और स्वास्थ्य

छठे भाव में शनि और राहु धनवान बनाते हैं और दुश्मनों पर विजय दिलाते हैं, लेकिन स्वास्थ्य और परिवार के लिए कुछ चुनौतियाँ ला सकते हैं।

चंद्रमा-शनि छठे भाव में: धन और रिश्तों पर प्रभाव

चंद्रमा और शनि के छठे भाव में होने से अपनी मेहनत का धन शुभ होता है, पर कुछ रिश्तेदार और चंद्रमा-शनि से जुड़ी चीजें अशुभ हो सकती हैं।

चंद्रमा-राहु छठे भाव में: तरक्की, धन और शत्रु पर विजय

चंद्रमा और राहु का छठे भाव में होना व्यक्ति को तरक्की, धन और दुश्मनों पर जीत दिलाता है, लेकिन कुछ स्वास्थ्य और पारिवारिक चुनौतियां भी हो सकती हैं।

चंद्रमा-बुध छठे भाव में: माता-पिता का प्यार और व्यापार में सफलता

छठे भाव में चंद्रमा और बुध का योग माता-पिता के गहरे प्यार और कपड़ों के व्यापार में सफलता दिला सकता है। हालांकि, कुछ नकारात्मक प्रभाव भी संभव हैं।

चंद्रमा-केतु छठे भाव में: निडर बच्चे, शत्रु पर विजय

चंद्रमा और केतु की छठे भाव में युति से बच्चे निडर और धनवान होते हैं, दुश्मनों पर जीत मिलती है, लेकिन स्वास्थ्य और परिवार में कुछ चुनौतियाँ आ सकती हैं।

बृहस्पति-शुक्र छठे भाव में: सौभाग्य और संतान सुख

बृहस्पति और शुक्र का छठे भाव में होना आपको और आपकी संतान को सौभाग्य दे सकता है। पत्नी की सेवा और सोने की क्लिप पहनने से लाभ होगा।

बृहस्पति-सूर्य छठे भाव में: सरकारी लाभ और स्वास्थ्य पर प्रभाव

बृहस्पति और सूर्य के छठे भाव में होने से सरकारी कामों में सफलता मिल सकती है, लेकिन स्वास्थ्य और परिवार पर नकारात्मक असर भी हो सकता है।

शुक्र-बुध पांचवें भाव में: रोमांस और मित्रता पर प्रभाव

पांचवें भाव में शुक्र और बुध की युति जीवनसाथी के लिए अच्छी होती है, लेकिन यह आपके प्रेम संबंधों और दोस्ती को प्रभावित कर सकती है।

शुक्र-मंगल पांचवें भाव में: संतान, व्यापार और नैतिकता पर प्रभाव

पांचवें भाव में शुक्र और मंगल की युति संतान, व्यापार और नैतिक मूल्यों पर शुभ और अशुभ दोनों तरह के प्रभाव डालती है।

शुक्र-केतु पांचवें भाव में: प्रेम, संतान और नैतिकता

पांचवें भाव में शुक्र और केतु की युति आपको प्रेम, संतान और धन के मामलों में शुभ-अशुभ फल दे सकती है। जानें इसके प्रभाव और उपाय।

सूर्य-शुक्र पांचवें भाव में: संतान, धन और सम्मान

सूर्य और शुक्र के पांचवें भाव में होने से जातक को संतान, धन और समाज में सम्मान मिलता है। हालांकि, कुछ मामलों में यह संबंध चुनौतियां भी ला सकता है।

सूर्य-राहु पाँचवें भाव में: संतान सुख और सरकारी कृपा

सूर्य और राहु की यह युति संतान सुख और सरकारी मामलों में अच्छे परिणाम देती है। यह आपको छोटे कर्मचारी बनने से बचाती है।

बुध-शनि पांचवें भाव में: बुद्धिमान, शिक्षित और संतान सुख

पांचवें भाव में बुध और शनि की युति आपको बुद्धिमान, शिक्षित और संतान सुख प्रदान कर सकती है, लेकिन कुछ चुनौतियों का भी सामना करना पड़ सकता है।

मंगल-शनि पांचवें भाव में: संतान, धन और वैवाहिक जीवन

जानें मंगल और शनि की पंचम भाव में युति से संतान, धन और वैवाहिक जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है। यह योग आपको गंभीर और धनी बना सकता है।

मंगल-केतु पांचवें भाव में: संतान, धन और स्वास्थ्य

मंगल और केतु के पांचवें भाव में होने पर संतान, धन और स्वास्थ्य पर शुभ-अशुभ प्रभाव पड़ सकते हैं। जानें इसके ज्योतिषीय परिणाम।

बृहस्पति-मंगल पांचवें भाव में: संतान, धन और पारिवारिक सुख

बृहस्पति और मंगल की युति पांचवें भाव में संतान के जन्म के बाद तरक्की, धन वृद्धि और पारिवारिक सुख ला सकती है। दान स्वीकार करने से बचें।