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सूर्य-शुक्र की युति: संतान, स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन पर प्रभाव

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सूर्य + शुक्र (फूल तो होंगे, पर फलों की कोई शर्त नहीं)

22वें और 23वें साल में शादी करना ठीक नहीं होता. स्त्री के मुंह से निकला कोई भी वाक्य पत्थर की लकीर बन सकता है (यानी सच हो सकता है). पिता की उम्र पर शक हो सकता है (यानी उनकी उम्र कम हो सकती है). जब संतान पैदा होने में देरी हो, तो कुत्ता पालने से मदद मिल सकती है.

शत्रु ग्रहों (दुश्मन ग्रहों) के साथ बैठा सूर्य चाहे किसी भी घर में हो, उन शत्रु ग्रहों की चीज़ों और रिश्तेदारों पर बुरा असर डाल सकता है. 22-25 साल की उम्र में शत्रु ग्रह अपना बुरा असर देंगे. इसलिए, शत्रु ग्रहों को बुध के द्वारा ठीक कर लेना चाहिए. दोनों (सूर्य और शुक्र) का इकट्ठा असर 41 साल की उम्र तक रहेगा, जिससे दुनिया के दुखी लोगों जैसा हाल हो सकता है. राहु नीच (बुरा) असर देगा.

विशेष: अगर सूर्य नेक (अच्छा) है, तो राजदरबार (सरकार या उच्च अधिकारी) में श्रेष्ठ (अच्छा) होगा, लेकिन शुक्र (स्त्री) दुखी रहेगी और संतान में बाधाएं आ सकती हैं. अगर शुक्र नेक है, तो स्त्री सुखी रहेगी, लेकिन राजदरबार में उलझनें आ सकती हैं. आत्मा बलवान (मजबूत) होगी, लेकिन शरीर हल्का (कमजोर) यानी स्वास्थ्य खराब रह सकता है. इसलिए शनि को उस घर में पहुंचाएं जहां से वह सूर्य को देखता रहे.

उपाय: कांसे के कटोरे में लाल गाजनी (एक तरह की मिट्टी या रंग) डालकर पानी में बहा दें.

नंबर 1 घर में: यहां सूर्य का असर अब अच्छा नहीं होगा. स्त्री और गृहस्थ (घर-परिवार) का सुख कम रहेगा. पराई स्त्री के कारण खास नुकसान हो सकता है, जेल तक जाना पड़ सकता है. हालांकि, आपका स्वास्थ्य और राजदरबार भले ही ठीक हो सकते हैं.

नंबर 7 घर में: आपके लिए वही हाल होगा जो सूर्य के नंबर 9 घर में होने पर बताया गया है. 20वें साल में तीर्थ यात्रा (धार्मिक यात्रा) बहुत अच्छा फल दे सकती है.

नंबर 9 घर में: कभी-कभी अमीरी का समुद्र उमड़ सकता है (यानी बहुत धन आ सकता है). 20वें साल में तीर्थ यात्रा बहुत अच्छा फल देगी.

नंबर 10 घर में: नंबर 4 के ग्रह मदद करते हैं. अगर वे नर ग्रह (पुरुष ग्रह) हों, तो सबसे अच्छा है. राहु का असर खत्म होने पर शुक्र का फल ठीक हो जाता है.

खराब हालात:
पिता और दादा की उम्र लंबी नहीं होगी. अलगाव (अलग होने) या मृत्यु के कारण पिता का साया (सहारा) उठ सकता है. पुत्र का जन्म 47 साल की उम्र के बाद ही हो सकता है (जो जीवित रहे). स्त्री की सेहत शायद ही ठीक रहे, उसे लंबी बीमारी जैसे तपेदिक (टीबी) हो सकती है. इसलिए स्त्री सुख हल्का ही होगा. स्त्री के होंठ पर कई निशान हो सकते हैं. आप कानों के कच्चे हो सकते हैं (यानी दूसरों की बातों में आसानी से आ सकते हैं). खराब हालात के कारण आप बदइखलाकी (बुरे स्वभाव के) और बहुत क्रोधी (गुस्सैल) हो सकते हैं.

विशेष: अगर शादी 22-25 साल की उम्र में हो, तो राजदरबार और स्त्री दोनों बर्बाद हो सकते हैं.

  • स्त्री की बांह पर सोने की चूड़ी या कड़ा पहनना संतान के लिए शुभ (अच्छा) होगा.
  • स्त्री की सेहत खराब होने पर, स्त्री के वजन के बराबर ज्वार या चरी (अनाज) का दान किसी धर्म स्थान (मंदिर, गुरुद्वारे आदि) में चढ़ाना ठीक होगा.
  • सगाई या शादी के दिन से ही पति-पत्नी दोनों में से कोई एक गुड़ खाना छोड़ दे.
  • दिन में संभोग (शारीरिक संबंध) न करें.

नंबर 1 घर में: खराब हालात रहेंगे. स्त्री का दिमाग खराब रह सकता है, पागलपन हो सकता है. रोटी तक के लाले पड़ सकते हैं (यानी खाने-पीने की दिक्कत हो सकती है). राजदरबार खराब रहेगा. पराई स्त्री से प्यार के कारण जेल तक जाना पड़ सकता है. आप अपने साथियों का नुकसान कर सकते हैं.

नंबर 7 घर में: दोनों ग्रहों (सूर्य और शुक्र) के बजाय अब, अकेला बुध नंबर 7 का असर होगा. स्त्री से झगड़ा हो सकता है, स्त्री की सेहत खराब रह सकती है, भाग्य खराब हो सकता है, रोटी तक के लाले पड़ सकते हैं. ऐसे समय में अगर आप मकान का फर्श लाल रंग का डलवाएं, तो दोनों ग्रहों की दुश्मनी का असर होगा. अगर 5, 7, 9 घरों में ग्रह बैठे हों, तो बिना बात का झगड़ा खड़ा हो सकता है.

नंबर 9 घर में: स्त्री पक्ष (पत्नी के रिश्तेदार) बहुत कमजोर और गरीब हो सकते हैं.

नंबर 10 घर में: राजदरबार हमेशा खराब रहेगा. शनि का बुरा असर साथ में रहेगा. बेशक आप राजा हों, लेकिन राजगद्दी (राज करने का अधिकार) नसीब न हो. इसका मतलब यह है कि आपका अपना राज भंग हो सकता है, और आप दूसरे राज के रखवाले (निगाहवान) बन सकते हैं.

विशेष: सांप को दूध पिलाना अच्छा फल देगा.

  • संतान के लिए नंबर 4 के ग्रह सहायक (मददगार) होंगे. अगर नंबर 4 खाली है, तो चंद्रमा का उपाय मदद देता है.
  • पराई स्त्री की सुंदरता की तारीफ में समय बर्बाद करना, जो अक्सर हो जाता है, बीमारियों का कारण बन सकता है. त्वचा (चमड़ी) की बीमारियों का कष्ट हो सकता है, खून खराब हो सकता है, बुढ़ापा दुखी हो सकता है.

उपाय: बछड़े वाली दूध देने वाली गाय का दान करने से नर संतान (लड़का) मिल सकता है और कल्याण (भलाई) हो सकता है.

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