सूर्य-मंगल-राहु की युति: विभिन्न भावों में प्रभाव
तीन ग्रहों के प्रभाव अलग-अलग भावों में दिखते हैं।
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सूर्य, मंगल और राहु की युति के विभिन्न प्रभावों और उनसे जुड़े उपायों के बारे में जानें।
शुक्र और राहु का आठवें भाव में होना एक सामान्य स्थिति है, जिसके परिणाम अन्य ग्रहों की दृष्टि पर निर्भर करते हैं।
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लाल किताब के अनुसार, दो ग्रहों की युति से होने वाले विभिन्न रोगों और उनके ज्योतिषीय उपायों के बारे में जानें।
जब मंगल और सूर्य दोनों नीच के हों, तो सूर्य और बुध की युति मंगल के नकारात्मक प्रभावों को सकारात्मक में बदल सकती है, बशर्ते शुक्र अच्छी स्थिति में हो।
जानें लाल किताब के अनुसार विभिन्न ग्रहों के बुरे प्रभावों को शांत करने और उनसे शुभ फल प्राप्त करने के सरल उपाय।
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