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शनि के विभिन्न भावों में: बीमारी और रोग

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शनि - बीमारी और रोग

  • शुक्र के साथ पहले भाव में - आप स्वार्थी (मतलबी) और मेहनती हो सकते हैं।
  • शुक्र के साथ दूसरे भाव में - आपको जीवन में आगे बढ़ने की शक्ति मिल सकती है।
  • बुध के साथ तीसरे भाव में - आपको किसी चीज़ का चस्का (शौक) हो सकता है।
  • चंद्र के साथ चौथे भाव में - आपको दोस्ती या इश्क़ (प्यार) का भूत सवार हो सकता है।
  • बृहस्पति के साथ पांचवें भाव में - आप स्वाभिमानी (खुद पर गर्व करने वाले) हो सकते हैं।
  • केतु के साथ छठे भाव में - आप धैर्यवान (सब्र रखने वाले) हो सकते हैं।
  • शुक्र के साथ सातवें भाव में - आपको जीवन में आगे बढ़ने की शक्ति मिल सकती है।
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