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लाल किताब के अनुसार मकान का वास्तु: कैसा हो आपका घर

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आपका मकान कैसा हो

शुभ लग्न (अच्छा समय) और अच्छे शगुन में मकान बनाना शुरू करने के लिए ये सावधानियां ज़रूरी हैं:

कोने - ज़मीन के टुकड़ों को एक गिनकर उनके कोने देखें. चार कोनों (90 डिग्री) वाला मकान सबसे अच्छा होता है.
- आठ कोनों वाला मकान मातम या बीमारी दे सकता है.
- अठारह कोनों वाला मकान आपका बृहस्पति (सोना, चांदी) बर्बाद कर सकता है.
- तीन या तेरह कोनों वाला मकान मंगल को खराब कर सकता है, भाई-बंधुओं को आफ़तें, मौतें, आग, फांसी जैसी परेशानियां दे सकता है.
- पांच कोनों वाला मकान संतान को दुख और बर्बादी दे सकता है.
- ऐसा मकान जो बीच से बाहर निकला हुआ हो या मछली के पेट की तरह उठा हुआ हो, उसमें आपका खानदान घट सकता है, यानी दादा तीन, बाप दो, आप अकेले और निसंतान (बिना बच्चे) हो सकते हैं.
- बाजू कटे मुर्दे की शक्ल का मकान, अगर उसमें शादी हो तो मौतें हो सकती हैं, पत्नी विधवा हो सकती है. इन सबको छोड़कर बाकी मकान अच्छे हो सकते हैं.

दीवारें - कोने देखने के बाद, मकान बनाने से पहले दीवारों का क्षेत्रफल (एरिया) और नींव को छोड़कर हर हिस्से या कमरे का अंदरूनी क्षेत्रफल (अंदर का एरिया) अलग-अलग देखा जाए. इसमें आपका अपने हाथों का क्षेत्रफल भी देखा जाए. आपका हाथ चाहे 18, 19 या 17 इंच का हो, पैमाना आपके हाथ की लंबाई का हो सकता है.

तरीका : (लंबाई + चौड़ाई) * 3) - 1 / 8

उदाहरण: यदि लंबाई 45, चौड़ाई 7 हो तो:
= (15+ 7)*3 - 1 / 8 = (22*3 - 1)/ 8 = 65 / 8 = शेष 1 बचा.

परिणाम : यदि शेष 1, 3, 5, 7 हो तो अच्छा; 0, 2, 4, 6, 8 हो तो बुरा.

शेष
- (बृहस्पति, सूर्य, खाना नंबर 1) आपका मकान राज महल जैसा हो सकता है.
- (बृहस्पति, शुक्र खाना नंबर 6) कुत्ता, गरीब हो सकता है (केतु 6 या बृहस्पति + शुक्र (6) का उपाय करें).
- (मंगल, बृहस्पति खाना नंबर 3) शेर की तरह हो सकता है, उत्तम बैठक, दुकान व्यापार के लिए बहुत अच्छा हो सकता है, लेकिन निसंतान दंपत्ति (बिना बच्चों वाले जोड़े) के लिए अच्छा हो सकता है. बच्चों के साथ रहने की स्थिति में बृहस्पति के पीले फूल रखें.
- जहां तक हो सके संतान वाले लोग इस मकान से दूर रहें. अकेली या बच्चों से दूर रहने वाली महिला के लिए कोई कष्ट नहीं हो सकता है.
- (शनि, चंद्र खाना नंबर 4) गधे के समान मेहनत के बावजूद दो जून की रोटी मुश्किल से मिल सकती है (चंद्र + शनि खाना नंबर 4 का उपाय करें).
- (बृहस्पति, सूर्य खाना नंबर 5) गाय के समान हो सकता है, आपके बच्चे सभी सुख पा सकते हैं.
- (सूर्य, शनि खाना नंबर 6) मुसाफिर (यात्री) जैसा हो सकता है, यानी न माता रहे, न पिता का सुख मिले, न औलाद को आराम, न दोस्त का साथ, आप मारे-मारे घूम सकते हैं (सूर्य + शनि (6) का उपाय करें).
- (चंद्र, शुक्र खाना नंबर 7) हाथी के समान हो सकता है, उत्तम.
- (मंगल + शनि खाना नंबर 8) चील के समान यानी मौत का मुख्यालय (मंगल + शुक्र (8) का उपाय).

मुख्य द्वार

  • पूर्व में - उत्तम, अच्छे लोग आएं-जाएं, सुख हो.
  • पश्चिम में - दूसरे दर्जे का उत्तम.
  • उत्तर में - अच्छा, लंबे सफर, पूजा-पाठ, अच्छे काम के लिए आने-जाने का रास्ता जो परलोक सुधारें.
  • दक्षिण में - मनहूस (अशुभ), महिला के लिए मौत का कारण, मौत की जगह, कुंवारों का ठिकाना या विधवाओं के दुख की जगह.

उपाय :- हर साल या कभी-कभी बकरी का दान करें, बुध की चीजें कच्ची शाम को दें ताकि बीमारी, छेड़छाड़, धन हानि न हो.

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