मंगल-बुध सातवें भाव में: विवाह और व्यापार में लाभ
जब दो शुभ ग्रह 7वें भाव में होते हैं, तो उसके मिले-जुले फल मिलते हैं, जैसे:
- विदेश से या तैयार माल के व्यापार से लाभ हो सकता है. आप अपनी पसंद से शादी कर सकते हैं या विदेश में शादी हो सकती है, ऐसा विद्वानों ने कहा है.
- आपको वाहन और अपने घर का सुख मिल सकता है. आपके परिवार को इज़्ज़त मिल सकती है. आपका जीवनसाथी बहुत पढ़ा-लिखा या सरकारी नौकरी में हो सकता है. आप डॉक्टर भी बन सकते हैं. अगर आप लालची हुए, तो यह आपके लिए बुरा हो सकता है.
- आप भगवान विष्णु की तरह अपना और दूसरों का भी पालन-पोषण (देखभाल) करते हैं. आप अमीर हो सकते हैं. आप न्याय करने वाले और समाज के नेता बन सकते हैं. आप सभी नियमों का ठीक से पालन करते हैं. आपके भाई हो सकते हैं. आपको अपनी मनचाही चीज़ें मिल सकती हैं.
- आपको किसी शासक (राजा) या बड़े वकील की तरह अधिकार मिल सकते हैं. आप रोते हुए व्यक्ति को हंसा सकते हैं.
जब शुभ ग्रह नहीं होते:
- रक्त वाहिकाओं (खून की नलियों) में द्रव (तरल पदार्थ) में कणों (छोटे-छोटे टुकड़ों) के कारण समस्या हो सकती है. दो ग्रहों के बुरे प्रभाव (नतीजे) मिल सकते हैं (यह बहुत गंभीर होता है). ग्रह बहुत विनाशकारी (नुकसानदायक) तरीके से काम करते हैं और इस विनाश में शुक्र (जो इस भाव का स्वामी ग्रह है) बुरा प्रभाव डालता है. इसके कारण परिवारिक जीवन खराब हो सकता है और ज़हरीली (नुकसानदेह) घटनाएँ हो सकती हैं.
- अच्छे दिन आते हुए नहीं दिखते. दुनियावी झगड़े हो सकते हैं. कटु (कड़वी) बातें और नुकसान पहुँचाने वाले विचार बुरे फल दे सकते हैं.