कुंडली से खोजें

बृहस्पति-शनि ग्यारहवें भाव में: मित्र को लाभ और आर्थिक स्थिति

1 मिनट Read in English

अच्छे फल:

  • आपके दोस्त को आपसे (आपके साथ संबंध से) फायदा मिल सकता है।
  • आप खुद शायद कुछ खास न हों, लेकिन आपके संपर्क में आने से दूसरों को बहुत फायदा हो सकता है।
  • आपकी किस्मत तीसरे भाव (घर) के ग्रहों से तय हो सकती है; अगर तीसरा भाव खाली हो, तो शनि की स्थिति आपकी किस्मत का फैसला कर सकती है।

खराब फल:

  • अगर आपका बुध नीच (कमजोर) है या अशुभ है, तो आपकी किस्मत भरोसेमंद नहीं हो सकती है।
  • आपको पैसे की कमी हो सकती है।
  • अगर सूर्य और बुध शुभ स्थिति में हों, तो आप हवाई जहाज की उड़ान की तरह मजबूत हो सकते हैं, आपका रास्ता आसान हो सकता है, और आप हवा से (हवा जैसी गति से) मजबूत हो सकते हैं।
क्या यह लेख काम आया?
इस लेख को रेटिंग दें

टिप्पणियाँ (0)

अभी कोई टिप्पणी नहीं। पहली आप लिखिए।

मिलते-जुलते लेख

बृहस्पति-शनि नौवें भाव में: धन, संतान और भाग्य पर प्रभाव

बृहस्पति और शनि की नौवें भाव में युति आपके धन, संतान, और भाग्य को कैसे प्रभावित करती है। जानिए इसके अच्छे और बुरे प्रभाव।

बृहस्पति-केतु ग्यारहवें भाव में: संपत्ति, सम्मान और संतान

बृहस्पति और केतु का ग्यारहवें भाव में होना आपको संपत्ति, सरकारी सम्मान और यात्रा से लाभ दिला सकता है। संतान देर से हो सकती है।

शनि-राहु ग्यारहवें भाव में: सौभाग्य और पैतृक संपत्ति

शनि और राहु का ग्यारहवें भाव में होना आपको सौभाग्य, सरकारी सम्मान और पैतृक संपत्ति दिला सकता है। हालांकि, संतान संबंधी परेशानियां भी हो सकती हैं।

अपनी कुंडली का लाल किताब विश्लेषण चाहिए?

नाम और WhatsApp नंबर दीजिए — हम आपसे संपर्क करेंगे।