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बुध-शनि ग्यारहवें भाव में: धन और संपत्ति में वृद्धि

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जब केतु और राहु की चाल उल्टी-सीधी होती है और शनि का अच्छा असर बना रहता है, लेकिन तीसरे भाव (घर) में कोई भी ग्रह वक्री (उल्टी चाल वाला) होकर शनि पर बुरी नज़र (दृष्टि) नहीं डालना चाहिए. यह आपके लिए बहुत संपत्ति (धन-दौलत) बढ़ाने वाला हो सकता है, जिससे आप पूरे गाँव के मालिक बन सकते हैं. स्वाभाविक रूप से, आपको वाहन (गाड़ी) और अच्छे घर का सुख भी मिल सकता है.

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