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सूर्य · 173

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सूर्य-मंगल आठवें भाव में: बहादुरी, लंबी उम्र और गुप्त विद्या का ज्ञान

सूर्य और मंगल का आठवें भाव में होना आपको बहादुर, मेहनती और स्वस्थ बनाता है. आपको ससुराल से धन लाभ हो सकता है और आपकी उम्र लंबी होती है.

सूर्य-केतु आठवें भाव में: संतान, धन और लंबी आयु

सूर्य और केतु के आठवें भाव में होने से संतान शक्तिशाली, धन की प्राप्ति और लंबी आयु मिल सकती है। हालांकि, अनैतिक संबंध और स्वास्थ्य समस्याएं भी संभव हैं।

बृहस्पति-सूर्य आठवें भाव में: धन, लंबी आयु और मान-सम्मान

आठवें भाव में बृहस्पति और सूर्य की युति से धन, लंबी आयु और मान-सम्मान मिल सकता है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।

सूर्य-शनि सातवें भाव में: वैवाहिक जीवन और धन लाभ

सूर्य और शनि की युति सातवें भाव में आपके वैवाहिक जीवन, व्यापार और धन पर गहरा असर डाल सकती है। जानिए इसके अच्छे और बुरे प्रभाव।

सूर्य-राहु सातवें भाव में: वैवाहिक जीवन और ससुराल पर प्रभाव

सूर्य और राहु का सातवें भाव में होना आपके वैवाहिक जीवन, व्यापारिक साझेदारी और ससुराल पक्ष पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।

सूर्य-चंद्रमा सातवें भाव में: वैवाहिक जीवन और व्यापार

सूर्य और चंद्रमा का सातवें भाव में होना आपके वैवाहिक जीवन, व्यापार और ससुराल पक्ष पर गहरा प्रभाव डाल सकता है। जानें इसके शुभ-अशुभ परिणाम।

सूर्य-मंगल सातवें भाव में: विवाह, धन और स्वास्थ्य पर प्रभाव

जानिए सूर्य और मंगल के सातवें भाव में होने से आपके विवाह, धन और स्वास्थ्य पर क्या अच्छे-बुरे प्रभाव पड़ सकते हैं।

सूर्य-शुक्र छठे भाव में: सरकारी लाभ, संतान और स्वास्थ्य

सूर्य और शुक्र के छठे भाव में होने से सरकारी कामों में जीत, संतान के बाद भाग्य में वृद्धि, और शत्रुओं पर विजय मिलती है। हालांकि, संतान संबंधी चिंताएं और स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।

सूर्य-चंद्रमा छठे भाव में: दूर जन्म, सम्मान और बच्चों के बाद भाग्य

सूर्य और चंद्रमा की छठे भाव में युति से व्यक्ति का जन्म घर से दूर हो सकता है, समाज में सम्मान मिलता है और बच्चों के जन्म के बाद भाग्य चमकता है।

सूर्य-मंगल छठे भाव में: निडरता, लंबी आयु और संघर्ष में जीत

सूर्य और मंगल का छठे भाव में होना आपको निडर बनाता है, लंबी आयु देता है और सरकारी मामलों व झगड़ों में जीत दिलाता है।

सूर्य-केतु छठे भाव में: सरकारी लाभ और शत्रुओं पर विजय

सूर्य और केतु का छठे भाव में होना आपको सरकारी महकमों में सफलता और शत्रुओं पर विजय दिला सकता है। यह आपके बच्चों और पिता के लिए भी शुभ हो सकता है।

बृहस्पति-सूर्य छठे भाव में: सरकारी लाभ और स्वास्थ्य पर प्रभाव

बृहस्पति और सूर्य के छठे भाव में होने से सरकारी कामों में सफलता मिल सकती है, लेकिन स्वास्थ्य और परिवार पर नकारात्मक असर भी हो सकता है।