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माता · 36

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सूर्य-केतु चौथे भाव में: संपत्ति लाभ और पारिवारिक चुनौतियाँ

सूर्य और केतु का चौथे भाव में होना सरकारी काम, संपत्ति व्यापार से लाभ देता है, लेकिन पारिवारिक जीवन और स्वास्थ्य में चुनौतियाँ लाता है।

शनि-राहु चौथे भाव में: घर, परिवार और विदेश यात्रा पर प्रभाव

शनि और राहु के चौथे भाव में होने से आपको घर और वाहन का सुख मिल सकता है, लेकिन पारिवारिक जीवन में चुनौतियाँ और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ भी आ सकती हैं।

चंद्रमा-राहु चौथे भाव में: पारिवारिक सुख और पैतृक धन

चंद्रमा और राहु के चौथे भाव में होने से पारिवारिक सुख और पैतृक व्यवसाय में लाभ मिल सकता है, लेकिन माँ से मतभेद और धन का अपव्यय भी संभव है।

चंद्रमा-मंगल चौथे भाव में: संपत्ति, साहस और पारिवारिक जीवन

चौथे भाव में चंद्रमा और मंगल की युति व्यक्ति को साहसी, संपत्ति का मालिक और न्यायप्रिय बनाती है, लेकिन पारिवारिक जीवन में चुनौतियाँ भी ला सकती है।

चंद्रमा-केतु चौथे भाव में: घर, माँ और संपत्ति पर प्रभाव

चंद्रमा और केतु की युति चौथे भाव में घर, वाहन, माता और संपत्ति को प्रभावित करती है। यह योग आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन पर भी असर डालता है।

बुध-केतु चौथे भाव में: धन, लंबी आयु और माता-पिता की सेवा

बुध और केतु की युति चौथे भाव में धन, वाहन और घर के साथ लंबी आयु देती है। आप माता-पिता की सेवा करते हैं और फैसलों में अटल रहते हैं।

मंगल-राहु चौथे भाव में: पारिवारिक सुख और चुनौतियाँ

मंगल और राहु का चौथे भाव में होना पारिवारिक सुख और संपत्ति देता है, लेकिन शादीशुदा जिंदगी और मां के स्वास्थ्य को लेकर चुनौतियां भी ला सकता है।

बृहस्पति-शुक्र चौथे भाव में: उच्च शिक्षा, धन और पारिवारिक सुख

चौथे भाव में बृहस्पति और शुक्र की युति आपको उच्च शिक्षा, धन और माता-पिता के लिए शुभ परिणाम दे सकती है, लेकिन अनैतिक संबंधों से बचें.

बृहस्पति-राहु चौथे भाव में: पारिवारिक चिंता और सरकारी नुकसान

चौथे भाव में बृहस्पति और राहु की युति से आपको पारिवारिक चिंताएं, सरकारी कार्यों में नुकसान और वैवाहिक जीवन में कठिनाइयां हो सकती हैं।

शुक्र-मंगल दूसरे भाव में: ससुराल से धन और संतान की बाधाएं

जब शुक्र और मंगल दूसरे भाव में होते हैं, तो ससुराल से धन लाभ हो सकता है, लेकिन संतान और शिक्षा में बाधाएं आ सकती हैं।

चंद्रमा-केतु पहले भाव में: तरक्की, भाग्य और स्वास्थ्य

पहले भाव में चंद्रमा और केतु की युति आपको करियर में तरक्की और भाग्य का साथ दिला सकती है, लेकिन स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में चुनौतियां भी दे सकती है।

सूर्य-चंद्रमा-बुध की युति: पिता की संपत्ति और माँ को खतरा

सूर्य, चंद्रमा और बुध की युति से पिता की संपत्ति और माँ के स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है, खासकर कुछ विशेष भावों में ग्रहों की स्थिति के आधार पर।

चंद्रमा-शनि-राहु की युति: पत्नी और माँ से कम सुख

चंद्रमा, शनि और राहु की युति के कारण आपको 33 से 39 साल की उम्र में बुरे नतीजे मिल सकते हैं। पत्नी और माँ से कम सुख मिलने की संभावना है।