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भाग्य · 73

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मंगल-बुध तीसरे भाव में: बड़े भाई का साथ और माता-पिता का आशीर्वाद

मंगल और बुध का तीसरे भाव में होना बड़े भाई और माता-पिता के आशीर्वाद से जीवन में सुख और भाग्य लाता है, लेकिन चोरी से धन हानि भी हो सकती है।

चंद्रमा-केतु पहले भाव में: तरक्की, भाग्य और स्वास्थ्य

पहले भाव में चंद्रमा और केतु की युति आपको करियर में तरक्की और भाग्य का साथ दिला सकती है, लेकिन स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में चुनौतियां भी दे सकती है।

बृहस्पति-चंद्रमा पहले भाव में: शिक्षा, धन और भाग्य

पहले भाव में बृहस्पति और चंद्रमा का शुभ प्रभाव व्यक्ति को शिक्षित, धनी और भाग्यशाली बनाता है। यह माता-पिता के लिए भी शुभ होता है।

बृहस्पति-शुक्र-राहु की युति: नकारात्मक प्रभाव और स्वास्थ्य समस्याएं

बृहस्पति, शुक्र और राहु की युति से भाग्यहीनता, स्वास्थ्य समस्याएं और संतान से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं।

बृहस्पति-बुध-केतु की युति: प्रभावशाली लोगों का साथ और धन लाभ

यह युति प्रभावशाली लोगों का साथ दिलाती है और हर कदम पर किस्मत का साथ मिलता है, जिससे धन और परिवार का सुख प्राप्त होता है।

बृहस्पति-मंगल-केतु की युति: अशुभ भाग्य और भाई पर असर

बृहस्पति, मंगल और केतु की युति से भाग्य प्रतिकूल हो सकता है और 45 साल तक केतु का अशुभ प्रभाव रह सकता है, खासकर भाई पर असर दिख सकता है।

बृहस्पति-सूर्य-शुक्र-मंगल की युति: ज्ञान, सम्मान और विजय

बृहस्पति, सूर्य, शुक्र और मंगल की युति व्यक्ति को बुद्धिमान, शांत, सम्मानित और विजयी बनाती है। यह योग महान भाग्य और शाही रुतबा देता है।