शुक्र-मंगल-राहु-केतु की युति: हर ग्रह का अलग असर
शुक्र, मंगल, राहु और केतु जब एक साथ होते हैं तो हर ग्रह अपना अलग प्रभाव दिखाता है।
शुक्र, मंगल, राहु और केतु जब एक साथ होते हैं तो हर ग्रह अपना अलग प्रभाव दिखाता है।
शुक्र, मंगल, बुध और केतु की युति में व्यक्तिगत ग्रहों के प्रभाव महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
यह युति माता-पिता को नेक विचारों वाला बनाती है और आप भाग्यशाली होते हैं।
यह युति शुभ योग और राजयोग बना सकती है, विशेषकर यदि ये ग्रह 2, 6, 8 या 12वें भाव में हों।
चंद्रमा, शुक्र, मंगल और शनि की युति से सरकारी अधिकारियों से अच्छे संबंध और जीवन में खुशियाँ मिल सकती हैं.
चंद्रमा, शुक्र, मंगल और बुध की युति से अशुभ प्रभाव मिलते हैं, जो बेटी की शादी के बाद शुभ हो सकते हैं।
बृहस्पति, सूर्य, शुक्र और मंगल की युति व्यक्ति को बुद्धिमान, शांत, सम्मानित और विजयी बनाती है। यह योग महान भाग्य और शाही रुतबा देता है।
जब बृहस्पति, सूर्य, चंद्रमा और मंगल एक साथ होते हैं, तो व्यक्ति को समाज में बहुत मान-सम्मान और प्रसिद्धि मिलती है।
बृहस्पति, चंद्रमा, बुध और राहु की युति से धन हानि हो सकती है, खासकर राहु की उम्र तक। हालांकि, ग्रहों के सहयोग से मिला-जुला अच्छा फल भी मिल सकता है।