कुंडली से खोजें

चतुर्थ भाव · 50

ग्रह और भाव चुनकर खोजें →

मंगल-बुध चौथे भाव में: दूसरों पर अनजाने में बुरा असर

मंगल और बुध का चौथे भाव में होना आपके लिए कम हानिकारक है, लेकिन आपसे जुड़े लोगों को अनजाने में बुरे परिणाम मिल सकते हैं।

बृहस्पति-शुक्र चौथे भाव में: उच्च शिक्षा, धन और पारिवारिक सुख

चौथे भाव में बृहस्पति और शुक्र की युति आपको उच्च शिक्षा, धन और माता-पिता के लिए शुभ परिणाम दे सकती है, लेकिन अनैतिक संबंधों से बचें.

बृहस्पति-शनि चौथे भाव में: प्रतिष्ठा और धन की कमी

चौथे भाव में बृहस्पति और शनि की युति प्रतिष्ठा दिला सकती है, लेकिन धन की कमी, घर का अभाव और पारिवारिक समस्याओं का कारण बन सकती है।

बृहस्पति-राहु चौथे भाव में: पारिवारिक चिंता और सरकारी नुकसान

चौथे भाव में बृहस्पति और राहु की युति से आपको पारिवारिक चिंताएं, सरकारी कार्यों में नुकसान और वैवाहिक जीवन में कठिनाइयां हो सकती हैं।

बृहस्पति-चंद्रमा चौथे भाव में: धन, शांति और व्यापार में लाभ

जब बृहस्पति और चंद्रमा चौथे भाव में होते हैं, तो यह परिवार में धन और शांति लाता है। आपको व्यापार में लाभ और रिश्तेदारों का सहयोग मिलता है।

बृहस्पति-केतु चौथे भाव में: शिक्षा, धन और संतान

बृहस्पति और केतु का चौथे भाव में होना शिक्षा पूरी करने, धन सुख पाने और माता-पिता की सेवा करने का संकेत देता है। हालांकि, संतान प्राप्ति में देरी हो सकती है।