कुंडली से खोजें

तृतीय भाव · 50

ग्रह और भाव चुनकर खोजें →

शुक्र-केतु तीसरे भाव में: वैवाहिक जीवन और संतान पर प्रभाव

तीसरे भाव में शुक्र और केतु की युति वैवाहिक जीवन, संतान और यात्राओं पर गहरा असर डालती है। जानें इसके शुभ-अशुभ प्रभाव।

सूर्य-शुक्र तीसरे भाव में: कार्य, परिवार और सफलता

सूर्य और शुक्र की तीसरे भाव में युति कार्य, परिवार और सामाजिक संबंधों को प्रभावित करती है. यह युति सरकारी मामलों में सफलता और भाई से लाभ दिला सकती है.

सूर्य-शनि तीसरे भाव में: सरकारी नौकरी और धन लाभ

तीसरे भाव में सूर्य और शनि की युति सरकारी नौकरी, धन लाभ और दुश्मनों पर जीत दिला सकती है। हालांकि, यह कुछ पारिवारिक कलह भी ला सकती है।

सूर्य-राहु तीसरे भाव में: निरंतर प्रगति और बच्चों का सुख

तीसरे भाव में सूर्य और राहु की युति आपको निरंतर प्रगति, नौकरी में स्थिरता और बच्चों के साथ सुख प्रदान कर सकती है।

सूर्य-चंद्रमा तीसरे भाव में: स्वार्थ और धन हानि

तीसरे भाव में सूर्य और चंद्रमा की युति आपको भाग्यशाली बना सकती है, पर आप स्वार्थी हो सकते हैं और धन हानि, पारिवारिक झगड़े, और बच्चों से परेशानी का सामना कर सकते हैं।

सूर्य-मंगल तीसरे भाव में: भाई-बहनों से लाभ और शत्रुओं पर विजय

जानें तीसरे भाव में सूर्य और मंगल की युति से भाई-बहनों से मिलने वाले लाभ, शत्रुओं पर विजय और अन्य शुभ-अशुभ प्रभावों के बारे में।

सूर्य-केतु तीसरे भाव में: सरकारी सफलता और पारिवारिक उन्नति

तीसरे भाव में सूर्य-केतु की युति आपको सरकारी मामलों में सफलता, व्यापार में तरक्की और परिवार से सम्मान दिला सकती है।

चंद्रमा-राहु तीसरे भाव में: संतान सुख, संपत्ति और लंबी आयु

तीसरे भाव में चंद्रमा और राहु का मेल संतान सुख, धन-संपत्ति और लंबी आयु देता है। आप व्यावहारिक होते हैं और दुश्मनों को हराते हैं।

चंद्रमा-मंगल तीसरे भाव में: ज्ञान और क्रोध के प्रभाव

तीसरे भाव में चंद्रमा और मंगल का मेल आपको समझदार और सम्मानित बना सकता है, लेकिन अत्यधिक क्रोध और अहंकार से दुर्भाग्य और कर्ज का सामना करना पड़ सकता है।

चंद्रमा-केतु तीसरे भाव में: यात्राओं से लाभ और पारिवारिक चुनौतियाँ

तीसरे भाव में चंद्रमा और केतु की युति यात्राओं से लाभ दिला सकती है, पर पारिवारिक संबंधों और स्वास्थ्य में चुनौतियाँ दे सकती है।

बुध-शनि तीसरे भाव में: धन, शिक्षा और शत्रु पर विजय

तीसरे भाव में बुध और शनि की युति आपको धनवान बना सकती है, अच्छी शिक्षा दे सकती है और शत्रुओं पर विजय दिला सकती है। हालांकि, यह भाई-बहनों से संबंधों और खर्चों को प्रभावित कर सकती है।

बुध-केतु तीसरे भाव में: शिक्षा, यात्रा और भाई-बहनों पर प्रभाव

बुध और केतु की तीसरे भाव में युति आपकी शिक्षा, यात्रा और भाई-बहनों पर गहरा असर डाल सकती है। जानिए इसके शुभ और अशुभ प्रभाव।

मंगल-शनि तीसरे भाव में: संपत्ति और पारिवारिक चुनौतियाँ

मंगल और शनि की तीसरे भाव में युति संपत्ति दिला सकती है, लेकिन पारिवारिक विरोध और संतान संबंधी समस्याएँ भी दे सकती है।

मंगल-राहु तीसरे भाव में: अस्थिरता और व्यापार में बाधाएं

मंगल और राहु की तीसरे भाव में युति जीवन में अस्थिरता ला सकती है, जिससे व्यापार में बाधाएं और रिश्तों में धोखे का सामना करना पड़ सकता है।