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सरकारी नौकरी · 76

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सूर्य-केतु तीसरे भाव में: सरकारी सफलता और पारिवारिक उन्नति

तीसरे भाव में सूर्य-केतु की युति आपको सरकारी मामलों में सफलता, व्यापार में तरक्की और परिवार से सम्मान दिला सकती है।

सूर्य-राहु दूसरे भाव में: धन, परिवार और भाग्य पर प्रभाव

सूर्य और राहु की दूसरे भाव में युति धन, परिवार और भाग्य में बड़े उतार-चढ़ाव ला सकती है। जानें इसके अच्छे और बुरे प्रभाव।

सूर्य-केतु दूसरे भाव में: मान-सम्मान और स्वास्थ्य

सूर्य और केतु का दूसरे भाव में होना समाज में मान-सम्मान दिलाता है, लेकिन संतान और स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानियां भी दे सकता है।

सूर्य-राहु पहले भाव में: सरकार से लाभ और स्वास्थ्य की चुनौतियाँ

पहले भाव में सूर्य और राहु की युति आपको सरकारी लाभ दिला सकती है, लेकिन आपको स्वास्थ्य समस्याओं और कड़वे स्वभाव का सामना करना पड़ सकता है।

सूर्य-केतु पहले भाव में: सरकारी संबंध और यात्रा से लाभ

सूर्य और केतु का पहले भाव में होना सरकारी अधिकारियों से अच्छे संबंध और यात्राओं से लाभ दिला सकता है, लेकिन स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में चुनौतियाँ आ सकती हैं।

बुध-शनि पहले भाव में: धन, शिक्षा और स्वास्थ्य पर प्रभाव

पहले भाव में बुध और शनि की युति धन, शिक्षा और स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। यह आपको प्रभावशाली और धनी बना सकती है, लेकिन कुछ चुनौतियाँ भी ला सकती है।

बुध-केतु पहले भाव में: शिक्षा, यात्रा और मिश्रित परिणाम

बुध और केतु की पहले भाव में युति आपको शिक्षित, उच्च पद वाला और यात्राओं से लाभ देने वाला बना सकती है, लेकिन कुछ स्वास्थ्य और पारिवारिक चुनौतियाँ भी दे सकती है।

बृहस्पति-सूर्य पहले भाव में: पूर्वजों का सम्मान और सरकारी धन

पहले भाव में बृहस्पति और सूर्य की युति से आप पूर्वजों का सम्मान बढ़ाते हैं और सरकारी धन प्राप्त कर सकते हैं।