कुंडली से खोजें

परिवार · 358

ग्रह और भाव चुनकर खोजें →

बृहस्पति-शुक्र चौथे भाव में: उच्च शिक्षा, धन और पारिवारिक सुख

चौथे भाव में बृहस्पति और शुक्र की युति आपको उच्च शिक्षा, धन और माता-पिता के लिए शुभ परिणाम दे सकती है, लेकिन अनैतिक संबंधों से बचें.

बृहस्पति-शनि चौथे भाव में: प्रतिष्ठा और धन की कमी

चौथे भाव में बृहस्पति और शनि की युति प्रतिष्ठा दिला सकती है, लेकिन धन की कमी, घर का अभाव और पारिवारिक समस्याओं का कारण बन सकती है।

बृहस्पति-राहु चौथे भाव में: पारिवारिक चिंता और सरकारी नुकसान

चौथे भाव में बृहस्पति और राहु की युति से आपको पारिवारिक चिंताएं, सरकारी कार्यों में नुकसान और वैवाहिक जीवन में कठिनाइयां हो सकती हैं।

बृहस्पति-चंद्रमा चौथे भाव में: धन, शांति और व्यापार में लाभ

जब बृहस्पति और चंद्रमा चौथे भाव में होते हैं, तो यह परिवार में धन और शांति लाता है। आपको व्यापार में लाभ और रिश्तेदारों का सहयोग मिलता है।

बृहस्पति-केतु चौथे भाव में: शिक्षा, धन और संतान

बृहस्पति और केतु का चौथे भाव में होना शिक्षा पूरी करने, धन सुख पाने और माता-पिता की सेवा करने का संकेत देता है। हालांकि, संतान प्राप्ति में देरी हो सकती है।

शुक्र-राहु तीसरे भाव में: धन, संपत्ति और बच्चों से सुख

तीसरे भाव में शुक्र और राहु की युति आपको धन, संपत्ति और बच्चों से सुख दे सकती है। हालांकि, जीवनसाथी का स्वास्थ्य और यात्रा से जुड़े काम में सावधानी बरतें।

शुक्र-बुध तीसरे भाव में: वैवाहिक जीवन और संबंधों पर प्रभाव

तीसरे भाव में शुक्र और बुध की युति वैवाहिक जीवन और संबंधों पर गहरा प्रभाव डाल सकती है, खासकर कुछ विशेष आयु में विवाह होने पर।

शुक्र-मंगल तीसरे भाव में: भाई-बहन को लाभ, चरित्र पर असर

तीसरे भाव में शुक्र और मंगल की युति भाई-बहनों के लिए शुभ हो सकती है, लेकिन व्यक्ति के चरित्र पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।

शुक्र-केतु तीसरे भाव में: वैवाहिक जीवन और संतान पर प्रभाव

तीसरे भाव में शुक्र और केतु की युति वैवाहिक जीवन, संतान और यात्राओं पर गहरा असर डालती है। जानें इसके शुभ-अशुभ प्रभाव।

सूर्य-शुक्र तीसरे भाव में: कार्य, परिवार और सफलता

सूर्य और शुक्र की तीसरे भाव में युति कार्य, परिवार और सामाजिक संबंधों को प्रभावित करती है. यह युति सरकारी मामलों में सफलता और भाई से लाभ दिला सकती है.

सूर्य-शनि तीसरे भाव में: सरकारी नौकरी और धन लाभ

तीसरे भाव में सूर्य और शनि की युति सरकारी नौकरी, धन लाभ और दुश्मनों पर जीत दिला सकती है। हालांकि, यह कुछ पारिवारिक कलह भी ला सकती है।

सूर्य-राहु तीसरे भाव में: निरंतर प्रगति और बच्चों का सुख

तीसरे भाव में सूर्य और राहु की युति आपको निरंतर प्रगति, नौकरी में स्थिरता और बच्चों के साथ सुख प्रदान कर सकती है।

सूर्य-चंद्रमा तीसरे भाव में: स्वार्थ और धन हानि

तीसरे भाव में सूर्य और चंद्रमा की युति आपको भाग्यशाली बना सकती है, पर आप स्वार्थी हो सकते हैं और धन हानि, पारिवारिक झगड़े, और बच्चों से परेशानी का सामना कर सकते हैं।

सूर्य-केतु तीसरे भाव में: सरकारी सफलता और पारिवारिक उन्नति

तीसरे भाव में सूर्य-केतु की युति आपको सरकारी मामलों में सफलता, व्यापार में तरक्की और परिवार से सम्मान दिला सकती है।