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शत्रु · 60

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बुध-राहु छठे भाव में: धन, लंबी आयु और शत्रु पर विजय

बुध और राहु के छठे भाव में होने से धन लाभ, लंबी आयु और शत्रुओं पर विजय मिलती है। हालांकि, कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।

बुध-केतु छठे भाव में: बच्चे, धन और शिक्षा

बुध और केतु छठे भाव में मिलकर आपके बच्चों को मजबूत बनाते हैं, धन लाते हैं और आपको उच्च शिक्षा देते हैं। जानें इसके अच्छे और बुरे प्रभाव।

मंगल-बुध छठे भाव में: समुद्री यात्रा, अच्छी शिक्षा और शत्रु पर विजय

मंगल और बुध का छठे भाव में एक साथ होना समुद्री यात्राओं से लाभ, अच्छी शिक्षा और शत्रुओं पर विजय दिला सकता है।

बृहस्पति-राहु छठे भाव में: धन, शत्रु पर विजय और लंबी आयु

बृहस्पति और राहु का छठे भाव में होना धन, शत्रुओं पर विजय और लंबी आयु दे सकता है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।

सूर्य-शनि तीसरे भाव में: सरकारी नौकरी और धन लाभ

तीसरे भाव में सूर्य और शनि की युति सरकारी नौकरी, धन लाभ और दुश्मनों पर जीत दिला सकती है। हालांकि, यह कुछ पारिवारिक कलह भी ला सकती है।

सूर्य-राहु तीसरे भाव में: निरंतर प्रगति और बच्चों का सुख

तीसरे भाव में सूर्य और राहु की युति आपको निरंतर प्रगति, नौकरी में स्थिरता और बच्चों के साथ सुख प्रदान कर सकती है।

सूर्य-मंगल तीसरे भाव में: भाई-बहनों से लाभ और शत्रुओं पर विजय

जानें तीसरे भाव में सूर्य और मंगल की युति से भाई-बहनों से मिलने वाले लाभ, शत्रुओं पर विजय और अन्य शुभ-अशुभ प्रभावों के बारे में।

चंद्रमा-राहु तीसरे भाव में: संतान सुख, संपत्ति और लंबी आयु

तीसरे भाव में चंद्रमा और राहु का मेल संतान सुख, धन-संपत्ति और लंबी आयु देता है। आप व्यावहारिक होते हैं और दुश्मनों को हराते हैं।

बुध-शनि तीसरे भाव में: धन, शिक्षा और शत्रु पर विजय

तीसरे भाव में बुध और शनि की युति आपको धनवान बना सकती है, अच्छी शिक्षा दे सकती है और शत्रुओं पर विजय दिला सकती है। हालांकि, यह भाई-बहनों से संबंधों और खर्चों को प्रभावित कर सकती है।

मंगल-केतु तीसरे भाव में: यात्रा, संतान और स्वास्थ्य

मंगल और केतु के तीसरे भाव में होने से आपको यात्राओं से लाभ होता है, संतान का सुख मिलता है, लेकिन स्वास्थ्य और रिश्तों में चुनौतियां आ सकती हैं।

बृहस्पति-राहु तीसरे भाव में: प्रगति, धन और शत्रुओं पर विजय

तीसरे भाव में बृहस्पति और राहु की युति आपको प्रगति, धन और शत्रुओं पर विजय दिला सकती है। आप बुद्धिमान और ज्ञानी होंगे।

सूर्य-मंगल दूसरे भाव में: लंबी आयु और शत्रुओं पर विजय

सूर्य और मंगल का दूसरे भाव में होना लंबी आयु और शत्रुओं पर विजय दिलाता है। दिल साफ रखने से चारों ओर अच्छाई आती है।

सूर्य-मंगल पहले भाव में: लंबी उम्र और दुश्मनों पर जीत

सूर्य और मंगल की युति पहले भाव में आपको लंबी उम्र और दुश्मनों पर विजय दिला सकती है। हालांकि, मंगल की खराब स्थिति खूनी संघर्ष का कारण बन सकती है।