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व्यापार · 111

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चंद्रमा-शनि दसवें भाव में: करियर में बदलाव और सामाजिक प्रतिष्ठा

चंद्रमा और शनि के दसवें भाव में होने से करियर में कई बदलाव आ सकते हैं और आप सामाजिक सेवा से मान-सम्मान पा सकते हैं।

बुध-शनि दसवें भाव में: यात्रा से लाभ और कला में निपुणता

बुध और शनि की युति दसवें भाव में आपको कलाओं में निपुण और यात्राओं से लाभ दिलाने वाली हो सकती है, लेकिन कुछ नकारात्मक प्रभाव भी संभव हैं।

बुध-राहु दसवें भाव में: धन, सम्मान और स्वास्थ्य पर प्रभाव

जानें बुध और राहु की दसवें भाव में युति आपके धन, सम्मान, शिक्षा और स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित कर सकती है। शुभ और अशुभ दोनों प्रभावों को समझें।

मंगल-शनि दसवें भाव में: धन, प्रसिद्धि और पारिवारिक सुख

मंगल और शनि का दसवें भाव में होना आपको खूब धन और नाम-शोहरत दिलाता है, लेकिन 42 साल के बाद ही शुभ समय शुरू होता है। नशे से बचें और सांपों का सम्मान करें।

मंगल-राहु दसवें भाव में: नाम, प्रसिद्धि और संपत्ति

मंगल और राहु की दसवें भाव में युति आपके लिए नाम, प्रसिद्धि और संपत्ति ला सकती है। हालांकि, कुछ स्वास्थ्य और वित्तीय चुनौतियां भी संभव हैं।

बृहस्पति-सूर्य दसवें भाव में: राजयोग और व्यापार में लाभ

यह योग आपको राजा जैसा शासक बना सकता है और व्यापार या सरकारी नौकरी से लाभ दिला सकता है। हालांकि, अत्यधिक धार्मिकता से बचें और पिता से संबंधों पर ध्यान दें।

बृहस्पति-बुध दसवें भाव में: समृद्धि और चुनौतियां

दसवें भाव में बृहस्पति और बुध की युति व्यक्ति को समृद्धि देती है, लेकिन पिता के लिए और व्यापार में चुनौतियां भी ला सकती है।

शुक्र-बुध नौवें भाव में: पैतृक संपत्ति, प्रेम विवाह और बुध के बुरे प्रभाव

नौवें भाव में शुक्र पैतृक संपत्ति, प्रेम विवाह और धार्मिक यात्राएं देता है, जबकि बुध साझेदारी में नुकसान, स्वास्थ्य समस्याएं और जीवनसाथी से अपमान ला सकता है।

शनि-राहु नौवें भाव में: धन, प्रसिद्धि और संतान संबंधी चुनौतियाँ

शनि और राहु की नौवें भाव में युति आपको धन और प्रसिद्धि दिला सकती है, लेकिन संतान संबंधी और पारिवारिक चुनौतियाँ भी पैदा कर सकती है।

चंद्रमा-केतु नौवें भाव में: अच्छी तरक्की और विदेश यात्रा

नौवें भाव में चंद्रमा और केतु की युति करियर में अच्छी तरक्की देती है. आप विदेश यात्राएं कर सकते हैं और सामाजिक-धार्मिक कार्यों में रुचि रखते हैं.

शुक्र-शनि आठवें भाव में: वैवाहिक जीवन, स्वास्थ्य और व्यापार

आठवें भाव में शुक्र और शनि का योग वैवाहिक जीवन में चुनौतियां, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और व्यापार में उतार-चढ़ाव ला सकता है।

सूर्य-शनि आठवें भाव में: व्यापार में लाभ और लंबी उम्र

सूर्य और शनि के आठवें भाव में होने से व्यापार में लाभ, लंबी उम्र और ससुराल से फायदे मिल सकते हैं, लेकिन अवैध संबंध और मुकदमेबाजी से बचें.

शनि-राहु आठवें भाव में: धन, लंबी आयु और दो विवाह

आठवें भाव में शनि और राहु का मेल अचानक मृत्यु से बचाव करता है। यह योग धन, लंबी आयु, और दो विवाह का संकेत देता है, साथ ही शुभ संतान भी प्रदान करता है।

चंद्रमा-शनि आठवें भाव में: लंबी उम्र और अचानक धन लाभ

आठवें भाव में चंद्रमा और शनि की युति व्यापार और नौकरी दोनों में लाभ दे सकती है। यह आपको लंबी उम्र और पैतृक संपत्ति दिला सकती है।

मंगल-शनि आठवें भाव में: व्यापार, लंबी उम्र और धन लाभ

मंगल और शनि का आठवें भाव में मेल व्यापार और नौकरी दोनों में सफलता दिलाता है। व्यक्ति लंबी उम्र पाता है और धनवान बनता है।

शुक्र-शनि सातवें भाव में: धन और पारिवारिक सुख

शुक्र और शनि की सातवें भाव में युति आपको 36 से 39 साल की उम्र में बहुत अमीर बना सकती है। आपको पारिवारिक सुख और ससुराल से लाभ मिल सकता है।