शुक्र-बुध की युति: प्रेम और बुद्धि का मेल
अगर कुंडली (जन्मपत्री) में 7वें भाव में राहु-केतु का संबंध हो, तो हो सकता है कि आपको शादी या बच्चे पैदा करने में दिक्कतें आएं।
- आपका पारिवारिक (परिवार का) जीवन दुखी रह सकता है।
अगर कुंडली (जन्मपत्री) में 7वें भाव में राहु-केतु का संबंध हो, तो हो सकता है कि आपको शादी या बच्चे पैदा करने में दिक्कतें आएं।
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बृहस्पति, सूर्य, शुक्र और मंगल की युति व्यक्ति को बुद्धिमान, शांत, सम्मानित और विजयी बनाती है। यह योग महान भाग्य और शाही रुतबा देता है।
शुक्र, मंगल, बुध और केतु की युति में व्यक्तिगत ग्रहों के प्रभाव महत्वपूर्ण हो जाते हैं।
बृहस्पति, सूर्य और बुध की युति को लाल किताब में एक शाही योग माना जाता है, जिसके शुभ प्रभाव धीरे-धीरे मिलते हैं।
लाल किताब के अनुसार विभिन्न ग्रहों के योग से धन, नौकरी, परिवार और रिश्तों पर क्या प्रभाव पड़ते हैं, जानिए इस लेख में।
सूर्य, चंद्रमा और शुक्र की युति से जीवन में धन और गरीबी दोनों आती-जाती रहती हैं, लेकिन व्यक्ति अपनी नैतिकता और इंसानियत नहीं छोड़ता.
ग्यारहवें भाव में शुक्र और बुध की युति धन, सुख-सुविधाएँ और लोकप्रियता लाती है। यह आपको कला और गुप्त विद्याओं में भी रुचि दिला सकती है।
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