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बृहस्पति-शुक्र दूसरे भाव में: मध्यम सोच से पाएं उत्तम परिणाम

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अच्छे परिणाम:
अगर आपका लक्ष्य (टारगेट) बहुत ऊँचा है और आप उसके लिए काम करते हैं, तो हो सकता है कि वह ठीक से न सँभले और उसका नतीजा (फल) अच्छा न मिले. लेकिन, अगर अच्छी लगन (कंसिस्टेंसी) हो, तो लक्ष्य कुछ हद तक सही हो सकता है. अगर आप बहुत ज़्यादा महत्वाकांक्षी (ओवर-एम्बिशियस) होकर नहीं सोचते हैं, तो आपको उम्मीद से बेहतर नतीजे मिल सकते हैं.
इसका मतलब यह है कि मध्यम (मीडियम) सोच के साथ काम करें, पूरी ईमानदारी (ईयरनेस्ट) से करें, और अंत में आपको बहुत अच्छे नतीजे मिलेंगे.

खराब परिणाम:
- बच्चों के मामले में, आपकी इच्छाएँ (विशेज़) शायद पूरी न हों जैसी आप चाहते हैं. आपको बेटी हो सकती है या गर्भधारण (कंसीव) करने में मुश्किल हो सकती है. इस मामले में और भी दूसरी समस्याएँ हो सकती हैं.
- किसी बड़े संकल्प (रिज़ॉल्व) का काम बहुत खराब नतीजा दे सकता है (सोना राख में बदल सकता है).
- अगर घर अशुभ (इनास्पिशियस) माप (डाइमेंशन्स) का है, तो ऊपर बताए गए बुरे प्रभाव और ज़्यादा स्पष्ट (प्रोनाउंसड) और पक्के हो सकते हैं.

क्या करें और क्या न करें:
मिट्टी से जुड़े काम (खेती, मिट्टी के बर्तन बनाना, मिट्टी की सप्लाई आदि) से बहुत फायदा हो सकता है.

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