बुध-शनि सातवें भाव में: सुख-दुख की पराकाष्ठा
- पैसे और सुख-सुविधाओं की कोई कमी नहीं होगी।
- सभी सही रास्ते छोड़कर, शराब और माँस में बहुत ज़्यादा शामिल हो सकते हैं।
- इस तरह, सुख और दुख दोनों ही हद तक मिल सकते हैं।
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चंद्रमा, बुध और शनि की युति आपको साहसी, धनी बना सकती है, लेकिन मिर्गी या हृदय संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकती है।
बुध के ग्यारहवें भाव में होने से 34 साल की उम्र के बाद भाग्य चमक सकता है, लेकिन संतान और रिश्तेदारों से संबंधित चिंताएं रह सकती हैं।
यह युति जीवन में डर और परेशानियां ला सकती है, जिससे व्यक्ति गलत तरीकों से धन कमाने की ओर प्रेरित हो सकता है।
शनि की विभिन्न भावों में स्थिति के अनुसार घर निर्माण के लिए लाल किताब के महत्वपूर्ण नियम और सावधानियां जानें।
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लाल किताब के अनुसार, दो ग्रहों की युति से होने वाले विभिन्न रोगों और उनके ज्योतिषीय उपायों के बारे में जानें।
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